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नवमी पर मां भगवती के दर्शन को उमड़ा हुजूम
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सोनभद्र। वासंतिक नवरात्र के नवमी पर मां भगवती के नौवें स्वरूप के दर्शन-पूजन के लिए मंदिरों में हुजूम उमड़ पड़ा। लंबी कतारों में लगकर श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया। नारियल-चुनरी चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लिया। जगह-जगह भंडारे हुए। कन्या पूजन कर घरों में चल रहे नौ दिवसीय अनुष्ठान का समापन किया गया।
नवरात्र के अंतिम दिन मां भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। सभी सिद्धियों की दात्री मां का यह रूप देवी महालक्ष्मी का है। सुबह से ही लोग मां के दर्शन करने के लिए आतुर दिखे। नगर के शीतला मंदिर परिसर में भक्तों का रेला लगा रहा। सुबह से शाम तक यहां भक्तों की कतार लगी रही। मंदिर समिति के अध्यक्ष संतोष केशरी के निर्देशन में आयोजित भंडारे में श्रद्धालु प्रसाद पाते रहे। नगर की इमरती कॉलोनी स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में शनिवार की रात देवी जागरण हुआ। मां की आरती के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में वाराणसी से आए कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भक्तिमय कर दिया। आकर्षक झांकियां भी सजाई गईं। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, राकेश मेहता, विकास प्रताप आदि मौजूद रहे।
उधर, डाला स्थित वैष्णो देवी मंदिर में भी हजारों श्रद्धालुओं ने नवमी पर दर्शन किया। आधी रात के बाद से ही यहां भक्तों की भीड़ पहुंचने लगी थी। आरती-पूजन के बाद सुबह कपाट खुलते ही मंदिर में लंबी कतार लग गई। मंदिर के महंत श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मां सिद्धिदात्री की पूजा से व्यक्ति को कार्य सिद्धि प्राप्ति होती है। साथ ही शोक, रोग और भय से भी मुक्ति मिलती है। देव, गंदर्भ, असुर, ऋषि आदि भी सिद्धियों की प्राप्ति के लिए मां सिद्धिदात्री की आराधना करते हैं। देवों के देव महादेव भी इनकी पूजा करते हैं। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन हुआ। अग्रवाल धर्मार्थ सेवा समिति के अध्यक्ष बृजभान अग्रवाल ने बताया कि सुबह दस बजे से भंडारा प्रारंभ कर दिया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।
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एक लाख श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर पर रविवार नवरात्र की नवमी तिथि पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। भोर में मंगला आरती के बाद उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस व वालेंटियरों के पसीने छूट गए। कपाट खुलने से पहले भक्तों की कतारें लग गई थीं। भक्तों की भारी भीड़ हाथ में नारियल चुनरी माला फूल लिए हुए मंदिर के नए एवं प्राचीन द्वार से पंक्ति बंद हो दर्शन पूजन किया। ग्रामीण अंचल से भारी संख्या में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री मां के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचे। पुजारी हेमंत मिश्रा के मुताबिक नवमी पर लगभग एक लाख भक्तों ने दर्शन किया। परंपरा के अनुसार ग्रामीण आदिवासी भक्त जवारे के साथ जुलूस के शक्ल में हाथ में खप्पड़ लिए हुए पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंचे। आकर्षण का केंद्र रहे अनेक भक्तों ने त्रिशूल से अपने शरीर में छेदन कर मां को प्रसन्न किया। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। दर्शनार्थियों के वाहनों का दबाव बढ़ने पर पीडब्लूडी चौराहे पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को खड़ा करा दिया गया।
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नवरात्र के अंतिम दिन मां भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। सभी सिद्धियों की दात्री मां का यह रूप देवी महालक्ष्मी का है। सुबह से ही लोग मां के दर्शन करने के लिए आतुर दिखे। नगर के शीतला मंदिर परिसर में भक्तों का रेला लगा रहा। सुबह से शाम तक यहां भक्तों की कतार लगी रही। मंदिर समिति के अध्यक्ष संतोष केशरी के निर्देशन में आयोजित भंडारे में श्रद्धालु प्रसाद पाते रहे। नगर की इमरती कॉलोनी स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में शनिवार की रात देवी जागरण हुआ। मां की आरती के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में वाराणसी से आए कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भक्तिमय कर दिया। आकर्षक झांकियां भी सजाई गईं। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, राकेश मेहता, विकास प्रताप आदि मौजूद रहे।
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उधर, डाला स्थित वैष्णो देवी मंदिर में भी हजारों श्रद्धालुओं ने नवमी पर दर्शन किया। आधी रात के बाद से ही यहां भक्तों की भीड़ पहुंचने लगी थी। आरती-पूजन के बाद सुबह कपाट खुलते ही मंदिर में लंबी कतार लग गई। मंदिर के महंत श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मां सिद्धिदात्री की पूजा से व्यक्ति को कार्य सिद्धि प्राप्ति होती है। साथ ही शोक, रोग और भय से भी मुक्ति मिलती है। देव, गंदर्भ, असुर, ऋषि आदि भी सिद्धियों की प्राप्ति के लिए मां सिद्धिदात्री की आराधना करते हैं। देवों के देव महादेव भी इनकी पूजा करते हैं। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन हुआ। अग्रवाल धर्मार्थ सेवा समिति के अध्यक्ष बृजभान अग्रवाल ने बताया कि सुबह दस बजे से भंडारा प्रारंभ कर दिया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।
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एक लाख श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर पर रविवार नवरात्र की नवमी तिथि पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। भोर में मंगला आरती के बाद उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस व वालेंटियरों के पसीने छूट गए। कपाट खुलने से पहले भक्तों की कतारें लग गई थीं। भक्तों की भारी भीड़ हाथ में नारियल चुनरी माला फूल लिए हुए मंदिर के नए एवं प्राचीन द्वार से पंक्ति बंद हो दर्शन पूजन किया। ग्रामीण अंचल से भारी संख्या में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री मां के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचे। पुजारी हेमंत मिश्रा के मुताबिक नवमी पर लगभग एक लाख भक्तों ने दर्शन किया। परंपरा के अनुसार ग्रामीण आदिवासी भक्त जवारे के साथ जुलूस के शक्ल में हाथ में खप्पड़ लिए हुए पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंचे। आकर्षण का केंद्र रहे अनेक भक्तों ने त्रिशूल से अपने शरीर में छेदन कर मां को प्रसन्न किया। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। दर्शनार्थियों के वाहनों का दबाव बढ़ने पर पीडब्लूडी चौराहे पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को खड़ा करा दिया गया।

राबर्ट्सगंज में चैत्र रामनवमी पर क्वारी कन्याओं को भोजन कराते पूर्व नपा चेयरमैन विजय कुमार जैन।- फोटो : SONBHADRA