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अधिकारी लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं की करेंगे मानिटरिंग
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सोनभद्र।बाल विकास परियोजना अधिकारी व उनकेऊपर के अधिकारी लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं की सीधे मानिटरिंग करेंगे। इसके लिए लाभार्थियों का डाटा आनलाइन करने का कार्य तेज कर दिया गया है। डाटा एकत्र करने केलिए 1641 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल करीब दो लाख 20 हजार लाभार्थियों में से दो लाख का डाटा एकत्र कर लिया गया है। डाटा आनलाइन करने का उद्देश्य विभाग में हो रही गड़बड़ी पर रोक लगाना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभाथि4यों का डिजिटलीकरण का कार्य कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कामन सर्विस सेंटर के सहयोग से डिजिटल प्रारूप में संग्रहित कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाएगी। निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र जारी कर लाभार्थियों का डिजिटलीकरण कराए जाने का निर्देश पूर्व में दिया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि निदेशक के पत्र के क्रम में अब तक दो लाख लाभार्थियों का आंकड़ा संकलित कर लिया गया है। जिस साफ्टवेयर में डाटा को फीड करना है उसमें कुछ तकनीकी समस्या होने के कारण इस कार्य में अभी कुछ विलंब हो रहा है, लेकिन यह कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा प्रदत्त सेवाओं के लाभार्थी जिनमें गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, छह माह से 3 वर्ष व 3 से 6 वर्ष आयु तक के बच्चों तथा स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाएं शामिल हैं, जिनका डिजिटलीकरण कार्य आंगनबाड़ी कार्यकताओं द्वारा किया जा रहा है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभाथि4यों का डिजिटलीकरण का कार्य कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कामन सर्विस सेंटर के सहयोग से डिजिटल प्रारूप में संग्रहित कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाएगी। निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र जारी कर लाभार्थियों का डिजिटलीकरण कराए जाने का निर्देश पूर्व में दिया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि निदेशक के पत्र के क्रम में अब तक दो लाख लाभार्थियों का आंकड़ा संकलित कर लिया गया है। जिस साफ्टवेयर में डाटा को फीड करना है उसमें कुछ तकनीकी समस्या होने के कारण इस कार्य में अभी कुछ विलंब हो रहा है, लेकिन यह कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा प्रदत्त सेवाओं के लाभार्थी जिनमें गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, छह माह से 3 वर्ष व 3 से 6 वर्ष आयु तक के बच्चों तथा स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाएं शामिल हैं, जिनका डिजिटलीकरण कार्य आंगनबाड़ी कार्यकताओं द्वारा किया जा रहा है।
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