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Sonebhadra News: बंदियों की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली
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सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने सोमवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। विधिक अधिकारों के बारे में उन्हें जागरूक भी किया।
निरीक्षण के दौरान जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की कुल संख्या 818 थी। इसमें 633 विचाराधीन बंदी और 185 सिद्धदोष बंदी रहे। सिद्धदोष बंदियों से एक-एक कर सजा के विरुद्ध अपील के बारे में जानकारी ली। सभी को बताया गया कि अगर वे किन्हीं कारणों से प्राइवेट अधिवक्ता के माध्यम से अपील करने में सक्षम ना हों तो जेल अधीक्षक के माध्यम से सजा के विरुद्ध अपीलीय न्यायालय में योजित कर सकते हैं। इसके अलावा जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की नियमानुसार सूचना संबंधित न्यायालय में देना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान बैरकों में कैदियों से मुलाकात कर निशुल्क विधिक सहायता, सजायाफ्ता बंदियों के अपील के प्रावधान के संबंध में नियमित पेशी, खान-पान एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद एडीजे ने कारागार स्थित पाकशाला, पाठशाला, नव निर्मित महिला बैरक, पुरुष बैरक, चिकित्सालय व लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समक्ष आई कमियों में सुधार के लिए जिला कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया। इस दौरान जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र, जेल अधीक्षक, जेलर अरविंद कुमार सिन्हा आदि मौजूद रहे।
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निरीक्षण के दौरान जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की कुल संख्या 818 थी। इसमें 633 विचाराधीन बंदी और 185 सिद्धदोष बंदी रहे। सिद्धदोष बंदियों से एक-एक कर सजा के विरुद्ध अपील के बारे में जानकारी ली। सभी को बताया गया कि अगर वे किन्हीं कारणों से प्राइवेट अधिवक्ता के माध्यम से अपील करने में सक्षम ना हों तो जेल अधीक्षक के माध्यम से सजा के विरुद्ध अपीलीय न्यायालय में योजित कर सकते हैं। इसके अलावा जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की नियमानुसार सूचना संबंधित न्यायालय में देना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान बैरकों में कैदियों से मुलाकात कर निशुल्क विधिक सहायता, सजायाफ्ता बंदियों के अपील के प्रावधान के संबंध में नियमित पेशी, खान-पान एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद एडीजे ने कारागार स्थित पाकशाला, पाठशाला, नव निर्मित महिला बैरक, पुरुष बैरक, चिकित्सालय व लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समक्ष आई कमियों में सुधार के लिए जिला कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया। इस दौरान जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र, जेल अधीक्षक, जेलर अरविंद कुमार सिन्हा आदि मौजूद रहे।
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