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अब राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया हुई जटिल

Tue, 24 Nov 2020 11:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2020 11:35 PM IST
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Now the process of making ration card becomes complicated
सोनभद्र। सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब दो लाख रुपये वार्षिक आय वाले लोगों का ही राशन कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए आवेदनकर्ताओं को आय प्रमाण पत्र देने होंगे। आय प्रमाण पत्र अपलोड होने पर ही राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे गरीबों को राशनकार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगेे।
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राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, करमा, चोपन, कोन, म्योरपुर, बभनी और दुद्वी ब्लॉक क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 792 वितरण प्रणाली की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें 62 शहरी और 730 ग्रामीण इलाके में दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों से 60558 अंत्योदय एवं 360000 पात्र गृहस्थी कार्डधारक जुड़े हैं। अब सरकार ने नया राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को कठिन कर दी है। शून्य से लेकर दो लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों का ही राशन कार्ड बनाया जाएगा। सरकार ने राशन कार्ड बनाने वाले साफ्टवेयर में आय प्रमाण पत्र देने वालों के ही कार्ड बनाने व्यवस्था की दी गई है। साफ्टवेयर खुलते ही आय प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। ऑनलाइन आय प्रमाण पत्र का सत्यापन होने के बाद राशन कार्ड बनाने का पेज खुलेगा। राशन कार्ड बनवाने के लिए लागू की गई नई व्यवस्था से अपात्र लोगों बाहर हो जाएंगे, लेकिन जिले के आदिवासी और वनवासियों को राशन कार्ड बनवाना आसान नहीं होगा। उन्हें आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित विभागों से जुड़े लोगों के यहां चक्कर भी लगाना पड़ेगा। अभी तक जिनको जरूरत थी वे लोग नजदीकी सहज जनसेवा केंद्रों पर भी राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर देते थे और आपूर्ति विभाग नियमानुसार जांच कराकर पात्रों का राशन कार्ड बनवा कर उन्हें उपलब्ध करा देता था।
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नई व्यवस्था से श्रमिकों की बढ़ी परेशानी
सोनभद्र। जिले में अधिकांश गरीब लोग रोजी-रोटी की तलाश में पंजाब, मुंबई, दिल्ली, राजस्थान समेत अन्य प्रांतों जाते रहते हैं। मार्च में कोरोना के चलते उन्हें घर लौटना पड़ा। लाकडाउन में कामकाज पूरी तरह ठप रहने से श्रमिकों के समक्ष भुखमरी से बचाने के लिए अप्रैल माह से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत नि:शुल्क राशन वितरण करा रही है। प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल मिलता था। कई माह चना भी मिला। जुलाई से योजना को बढ़ाकर नवंबर तक दिया गया। बाहर रहने वाले जिन श्रमिकों के राशन कार्ड नहीं बने थे उनका बनाया जा रहा है लेकिन नई व्यवस्था लागू होने से परेशानी बढ़ गई है।
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अब नए राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदनकर्ताओं को आय प्रमाण पत्र देना होगा। दो लाख रुपये तक आय वाले व्यक्तियों का सिर्फ राशन कार्ड बनेगा। अपात्रों के कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।-डॉ. राकेश तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी
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