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शिकंजा: अब हर क्रशर प्लांटों पर होगी तौल मशीन
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जिले में ओवरलोडिंग और बगैर एमएम-11 के गिट्टी-बालू के परिवहन पर रोक लगाने को लेकर डीएम ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। डीएम चंद्र विजय सिंह ने एडीएम और खान अधिकारी को 15 दिनों के भीतर सभी क्रशर प्लांटों पर तौल मशीन लगवाने का निर्देश दिया है। निर्धारित समयसीमा के भीतर जिन क्रशर प्लांटों पर तौल मशीन नहीं लगेगा उन्हें सील करते हुए संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन और परिवहन को लेकर सरकार बेहद सख्त है। पूर्व डीएम टीके शिबू के निलंबन के बाद से अफसर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद कई क्रशर प्लांट संचालक बगैर परमिट और ओवरलोड ट्रकों पर गिट्टी लोड करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यही काम कई बालू के ठेकेदार भी कर रहे हैं। डंप बालू को ओवरलोड बेच रहे हैं। बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र करीब 281 क्रशर प्लांट स्थापित हैं। इनमें से अधिकांश क्रशर प्लांटों पर अभी तक तौल मशीनें नहीं लगी हैं। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने प्रभारी खनन एडीएम और ज्येष्ठ खनन अधिकारी को पखवाड़े भर के भीतर सभी क्रशर प्लांटों पर तौल मशीनें लगवाने का निर्देश दिया है। अगर कोई क्रशर प्लांट संचालक मशीनें लगवाने में हीलाहवाली करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फरमान जारी किया है। क्रशर प्लांटों से ही अंडरलोड खनिज संपदा लोड करने की व्यवस्था होगी। रोक के बाद भी ओवरलोड गिट्टी वाहनों को देने वालों के प्लांट सील कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एडीएम ने सभी खनन कर्मियों को 15 दिन में सभी क्रशर प्लांटों पर मशीनें लगवाते हुए रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
सभी क्रशर प्लांटों पर तौल मशीनें लगाई जाएंगी। 15 दिनों में मशीनें लगवाकर क्रशर प्लांट मालिकों को लिखित देना होगा कि उनके यहां कांटा लग गया है। इसके बाद खनन कर्मियों केे मौके पर भेजकर सत्यापन कराया जाएगा। जिन प्लांटों पर तौल मशीनें नहीं होंगी उन्हें सील करा दिया जाएगा। - सहदेव मिश्रा, एडीएम
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अवैध खनन और परिवहन को लेकर सरकार बेहद सख्त है। पूर्व डीएम टीके शिबू के निलंबन के बाद से अफसर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इसके बावजूद कई क्रशर प्लांट संचालक बगैर परमिट और ओवरलोड ट्रकों पर गिट्टी लोड करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यही काम कई बालू के ठेकेदार भी कर रहे हैं। डंप बालू को ओवरलोड बेच रहे हैं। बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र करीब 281 क्रशर प्लांट स्थापित हैं। इनमें से अधिकांश क्रशर प्लांटों पर अभी तक तौल मशीनें नहीं लगी हैं। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने प्रभारी खनन एडीएम और ज्येष्ठ खनन अधिकारी को पखवाड़े भर के भीतर सभी क्रशर प्लांटों पर तौल मशीनें लगवाने का निर्देश दिया है। अगर कोई क्रशर प्लांट संचालक मशीनें लगवाने में हीलाहवाली करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फरमान जारी किया है। क्रशर प्लांटों से ही अंडरलोड खनिज संपदा लोड करने की व्यवस्था होगी। रोक के बाद भी ओवरलोड गिट्टी वाहनों को देने वालों के प्लांट सील कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एडीएम ने सभी खनन कर्मियों को 15 दिन में सभी क्रशर प्लांटों पर मशीनें लगवाते हुए रिपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
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सभी क्रशर प्लांटों पर तौल मशीनें लगाई जाएंगी। 15 दिनों में मशीनें लगवाकर क्रशर प्लांट मालिकों को लिखित देना होगा कि उनके यहां कांटा लग गया है। इसके बाद खनन कर्मियों केे मौके पर भेजकर सत्यापन कराया जाएगा। जिन प्लांटों पर तौल मशीनें नहीं होंगी उन्हें सील करा दिया जाएगा। - सहदेव मिश्रा, एडीएम
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