अब ओलंपिक का लक्ष्य: एशियन गेम्स से पदक लेकर घर पहुंचे रामबाबू का जोरदार स्वागत, युवाओं से की ये अपील
एशियन गेम्स में 35 किमी पैदल चाल की मिश्रित टीम स्पर्धा में मंजू रानी के साथ कांस्य पदक जीतने वाले सोनभद्र के रामबाबू शनिवार को अपने घर पहुंचे। रामबाबू ने कहा कि ओलंपिक में मेडल जीतना उनका अगला लक्ष्य है।
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एशियन गेम्स में 35 किमी मिश्रित पैदल चाल स्पर्धा में कांस्य पदक विजेता रामबाबू शनिवार को अपने घर सोनभद्र जिले के बहुअरा पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। फूल-मालाओं से लादकर उन्हें मिठाई खिलाई और बधाई दी। इस दौरान रामबाबू ने कहा कि ओलंपिक में मेडल जीतना उनका अगला लक्ष्य है। इसे पूरा करने के लिए वह जीजान से जुटेंगे।
रामबाबू ने कहा कि 29-30 जनवरी को रांची में नेशनल खेलों में प्रतिभाग करना है। उसके बाद अंटालिया तुर्की के लिए भारत से चार लोगों को भेजा जाएगा। वहां से तीन खिलाड़ियों का चयन लांस एंजिल्स में 26 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले ओलंपिक के लिए होगा। फिलहाल पूरा ध्यान ओलंपिक में चयन के लिए तैयारी में लगा है।
माता-पिता के संघर्ष से मिली आगे बढ़ने की प्रेरणा
उन्होंने अपनी सफलता के लिए परिवार के साथ अपने सभी कोच को श्रेय दिया। कहा कि उनके स्तर पर हर तरह का सहयोग मिलता रहा। माता-पिता के संघर्ष ने ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आगे भी परिवार और देश का मान बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास करता रहूंगा।
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उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि जीवन के उतार-चढ़ाव से विचलित न हों। अपने लक्ष्य पर ध्यान केद्रिंत रखते हुए पूरी शिद्दत से प्रयास जारी रखेंगे। सफलता जरूर मिलेगी। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव सहित तमाम राजनीतिक दलों के लोगों ने मिल कर बधाई दी और सुविधाएं दिलाने का भरोसा दिलाया।