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Sonebhadra News: ब्लड बैंक में पर्याप्त स्टॉक नहीं, कई ग्रुप के खून नहीं
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सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज स्थित ब्लड बैंक बीते कई दिनों से खून की कमी से जूझ रहा है। पर्याप्त स्टॉक नहीं होने से कई ग्रुपों के खून उपलब्ध नहीं हैं। ब्लड बैंक में बी निगेटिव, ओ निगेटिव और एबी निगेटिव सहित अन्य ग्रुप का रक्त नहीं है। इसके चलते गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों और उनके तीमारदारों को रक्त के लिए परेशान होना पड़ रहा है। 300 यूनिट रक्त की क्षमता वाले ब्लड बैंक में 150 या 200 यूनिट ब्लड ही मौजूद रहता है। आमतौर पर यहां सभी ग्रुपों के ब्लड मिल जाते हैं, लेकिन इधर करीब एक सप्ताह से स्टॉक में कमी आने से कई ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं है। शनिवार को ब्लड बैंक में सिर्फ 44 यूनिट ही रक्त बचा था। इसमें सबसे ज्यादा ओ पॉजिटिव गुप का 36 यूनिट ब्लड उपलब्ध है। वहीं एबी पॉजिटिव के तीन, बी पॉजिटिव के एक, ए पॉजिटिव का एक, बी पॉजिटिव का एक यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। एक सप्ताह से ब्लड बैंक में बी निगेटिव रक्त की कमी बनी हुई है। वहीं ओ निगेटिव छह दिन से नहीं है। एबी निगेटिव ग्रुप का दो यूनिट ब्लड था, जो एक यूनिट पहले निष्प्रयोज्य हो गया था। 1 यूनिट ब्लड तीन जुलाई को निष्प्रयोज्य हुआ है। ब्लड बैंक में एक पॉजिटिव और बी पॉजिटिव ग्रुप के रक्त की भी कमी बनी हुई है। यदि शीघ्र रक्त का इंतजाम नहीं हुआ तो गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ब्लड बैंक के अधिकारियों के मुताबिक एबी निगेटिव, बी निगेटिव और ओ निगेटिव ग्रुप का ब्लड बिल्कुल भी नहीं है।
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संचारी रोग से बढ़ेगी और दिक्कत
यदि ब्लड बैंक में इसी तरह से कमी रही तो संचारी रोग के मामले बढ़ने पर समस्या हो सकती है। डेंगू के मरीजों का प्लेटलेट्स की कमी होती है। ब्लड बैंक में जिस ग्रुप के ब्लड नहीं हैं, उस ग्रुप के डोनर से रक्तदान करने की अपील की जा रही है।
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नहीं मिला ब्लड मरीज को लेकर लौटे घर
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दो दिन से भर्ती मरीज शिवनाथ त्रिपाठी को बी निगेटिव ग्रुप के ब्लड की जरूरत थी, मगर ब्लड बैंक में इस ग्रुप का ब्लड नहीं होने से मरीज को शुक्रवार को ब्लड नहीं चढ़ाया जा सका। शनिवार को भी ब्लड के लिए मरीज के स्वजन परेशान रहे। ब्लड उपलब्ध नहीं होने पर शनिवार को मरीज को घर वापस लेकर चले गए। इसी तरह ओ निगेटिव ग्रुप के ब्लड के लिए तीमारदार परेशान दिखे।
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वर्जन:
ब्लड बैंक में बीते एक सप्ताह से बी निगेटिव, ओ निगेटिव व एबी निगेटिव ग्रुप का ब्लड नहीं है। रक्तदान से ही यह उपलब्ध होगा। ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान करें। 18 वर्ष से 60 वर्ष तक के लोग रक्तदान कर सकते हैं, उनका वजन 45 किलो होना जरूरी है।
-डॉ.अशोक कुमार, प्रभारी-जिला ब्लड बैंक-रॉबर्ट्सगंज।
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संचारी रोग से बढ़ेगी और दिक्कत
यदि ब्लड बैंक में इसी तरह से कमी रही तो संचारी रोग के मामले बढ़ने पर समस्या हो सकती है। डेंगू के मरीजों का प्लेटलेट्स की कमी होती है। ब्लड बैंक में जिस ग्रुप के ब्लड नहीं हैं, उस ग्रुप के डोनर से रक्तदान करने की अपील की जा रही है।
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नहीं मिला ब्लड मरीज को लेकर लौटे घर
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दो दिन से भर्ती मरीज शिवनाथ त्रिपाठी को बी निगेटिव ग्रुप के ब्लड की जरूरत थी, मगर ब्लड बैंक में इस ग्रुप का ब्लड नहीं होने से मरीज को शुक्रवार को ब्लड नहीं चढ़ाया जा सका। शनिवार को भी ब्लड के लिए मरीज के स्वजन परेशान रहे। ब्लड उपलब्ध नहीं होने पर शनिवार को मरीज को घर वापस लेकर चले गए। इसी तरह ओ निगेटिव ग्रुप के ब्लड के लिए तीमारदार परेशान दिखे।
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वर्जन:
ब्लड बैंक में बीते एक सप्ताह से बी निगेटिव, ओ निगेटिव व एबी निगेटिव ग्रुप का ब्लड नहीं है। रक्तदान से ही यह उपलब्ध होगा। ज्यादा से ज्यादा लोग रक्तदान करें। 18 वर्ष से 60 वर्ष तक के लोग रक्तदान कर सकते हैं, उनका वजन 45 किलो होना जरूरी है।
-डॉ.अशोक कुमार, प्रभारी-जिला ब्लड बैंक-रॉबर्ट्सगंज।