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लंबे समय से बोर्ड की बैठक नहीं, कई प्रस्ताव ठंडे बस्ते में
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सोनभद्र। नगर पालिका परिषद सोनभद्र बोर्ड की बैठक लंबे समय से नहीं हो रही है। इससे नगर के विकास का पहिया थम सा गया है। पिछले वर्ष नए वित्तीय वर्ष में बोर्ड की बैठक के बाद व विधानसभा चुनाव से पूर्व बोर्ड की बैठक कराई गई थी। बैठक में दिए गए कई प्रस्तावों पर अभी काम शुरू नहीं हो सका है तो वहीं जिन प्रस्तावों पर काम हो भी रहा है तो उसमें मानक का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इसे लेकर सभासदों के साथ ही स्थानीय लोगों में रोष बढ़ रहा है। वहीं चेयरमैन जल्द ही नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक कराने का आश्वासन दे रहे हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना के फैलाव पर रोक के लिए करीब सवा साल तक बोर्ड की बैठक नहीं हुई थी। कोरोना के मामले घटने पर पिछले वर्ष अप्रैल माह में नया वित्तीय वर्ष शुरू होने पर बोर्ड की बैठक कराई गई थी। इसमें सभासदों की तरफ से सड़क, नाली, पार्क, आरसीसी रोड सहित अन्य कार्यों का प्रस्ताव दिया गया था। सभासदों के कुछ कार्यों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी, वहीं कुछ सभासदों को निराशा हाथ लगी थी। विधानसभा चुनाव से पूर्व हुई बोर्ड की बैठक में भी कई कार्यों का प्रस्ताव दिया गया था। इसमें कुछ ही प्रस्तावों पर सहमति बनी थी। इसके बाद चुनाव के लिए आचार संहिता लग गई। इसमें कई कार्यों का टेंडर करते हुए काम शुरू कर दिया गया है। नातिक असरफ, धर्मराज जैन सहित अन्य सभासदों के मुताबिक नियमानुसार समय-समय पर बोर्ड की बैठक कराई जानी चाहिए लेकिन यहां वर्ष में एक-दो बार ही बोर्ड की बैठक हो रही है। बोर्ड में प्रस्ताव देने के बाद भी कई काम नहीं हो पा रहे हैं। समस्याओं का समाधान न होने से जनता में गलत संदेश जा रहा है।
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वैश्विक महामारी कोरोना के फैलाव पर रोक के लिए करीब सवा साल तक बोर्ड की बैठक नहीं हुई थी। कोरोना के मामले घटने पर पिछले वर्ष अप्रैल माह में नया वित्तीय वर्ष शुरू होने पर बोर्ड की बैठक कराई गई थी। इसमें सभासदों की तरफ से सड़क, नाली, पार्क, आरसीसी रोड सहित अन्य कार्यों का प्रस्ताव दिया गया था। सभासदों के कुछ कार्यों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी, वहीं कुछ सभासदों को निराशा हाथ लगी थी। विधानसभा चुनाव से पूर्व हुई बोर्ड की बैठक में भी कई कार्यों का प्रस्ताव दिया गया था। इसमें कुछ ही प्रस्तावों पर सहमति बनी थी। इसके बाद चुनाव के लिए आचार संहिता लग गई। इसमें कई कार्यों का टेंडर करते हुए काम शुरू कर दिया गया है। नातिक असरफ, धर्मराज जैन सहित अन्य सभासदों के मुताबिक नियमानुसार समय-समय पर बोर्ड की बैठक कराई जानी चाहिए लेकिन यहां वर्ष में एक-दो बार ही बोर्ड की बैठक हो रही है। बोर्ड में प्रस्ताव देने के बाद भी कई काम नहीं हो पा रहे हैं। समस्याओं का समाधान न होने से जनता में गलत संदेश जा रहा है।
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