एनसीएल के पास फिलहाल 45 लाख टन कोयला भंडार मौजूद है। तीन साल में कंपनी 130 मिलियन टन कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह जानकारी बृहस्पतिवार को एनसीएल सीएमडी प्रभात कुमार सिन्हा ने दी। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि राष्ट्र की ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एनसीएल लगातार गुणवत्तापूर्ण कोयला उत्पादन व प्रेषण कर रही है।
बताया कि देशव्यापी ऊर्जा संकट की खबरों के बीच एनसीएल और एमसीएल ने अपने सभी संबद्ध पावर प्लांटों को पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध है और वर्तमान समय में एनसीएल प्रतिदिन 35-40 रैक भारतीय रेल के माध्यम से दूरस्थ उपभोक्ताओं भेज रही है। एनसीएल कोयला उत्पादन व प्रेषण के लिए आधुनिकतम तकनीकी का प्रयोग कर रही है। इससे पर्यावरणीय ढंग से गुणवत्ता पूर्ण कोयला प्राप्त हो रहा है और कंपनी को वित्तीय लाभ हो रहा है। देश को कोयले के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एनसीएल को वर्ष 2023-24 तक 130 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है। इसी के तहत कंपनी लगभग 7000 करोड़ के वित्तीय निवेश से फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक मशीनों की खरीद और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। इस दौरान एनसीएल के निदेशक डॉ. अनिंद्य सिन्हा, राम नारायण दुबे, एसएस सिन्हा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में एनसीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक वर्चुअल माध्यम से जुड़े। अफसरों ने क्षेत्रीय समुदाय के उत्थान के साथ भविष्य की कार्य योजनाओं, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों, सिंगरौली को पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी।