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नाग पंचमी पर पूजे गए नागदेवता, मंदिरों में हुआ पूजन

Sat, 25 Jul 2020 09:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 09:57 PM IST
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Nagdevata worshiped on Nag Panchami worshiped in temples
सोनभद्र। नाग पंचमी का त्योहार शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने नाग देवता का विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा गया। देवालयों पर श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। नगर के सोमनाथ मंदिर पर दूध लावा के साथ नाग देवता की पूजा अर्चना की गई। विभिन्न जगहों पर नाग पंचमी के मौके पर कुश्ती दंगल का भी आयोजन हुआ जिसमें पहलवानों ने दांव आजमाया।
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जिले में नागपंचमी पर्व शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर दर्शन पूजन किया। कहीं-कहीं लोगों ने नागदेवता का दर्शन किया। लोगों ने देवालयों में पूजन अर्चन के साथ ही जल भी चढ़ाया। उधर राबर्ट्सगंज ब्लॉक के जैत ग्राम पंचायत में नाग पंचमी के मौके पर कुश्ती दंगल हुआ। यहां पहलवान मोहित और गोपी की जोड़ी बराबर पर रही। राकेश व राज ने भी जमकर दांव खेला लेकिन दोनों एक दूसरे को चित नहीं कर पाए और उनकी जोड़ी भी बराबर पर छूटी। बाघे ने रिंकू को आसानी से पटखनी दी। यहां रेफरी लाल बहादुर रहे। गोपाल की देखरेख में कुश्ती व लंबी कूद प्रतियोगिता संपन्न हुई।
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दुद्धी: कोरोना वायरस के बढ़ते कदम और कंटेनमेंट जोन घोषित किए जाने के बाद पूरा नगर बंद के कारण नगर में सन्नाटा छाया हुआ है । शनिवार नाग पंचमी के दिन भी सैकड़ों साल पुरानी परंपरा अखाड़ा दंगल का आयोजन भी कोरोना वायरस के चलते बंद कर दिया गया। हर वर्ष प्राचीन हनुमान मंदिर और पंचदेव मंदिर परिसर के अलावा टाउन क्लब मैदान पर परंपरागत कुश्ती दंगल का आयोजन जय बजरंग अखाड़ा समिति कराता था लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस के फैलते पॉव को देखते हुए तथा नगर कंटेनमेंट जोन के चलते कुश्ती दंगल का आयोजन आयोजक मंडल ने पूरी तरह से रोक दिया है। जिसके चलते किसी प्रकार का कोई कुश्ती दंगल का आयोजन नहीं किया जा सका। नाग पंचमी के दिन शिव मंदिर में भक्त पहुंचकर बाबा भोले का दर्शन किए और नाग देवता के दूध अभिषेक के साथ जलाभिषेक कर विधिवत पूजन पाठ किया। हालांकि इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते सपेरे सर्प लेकर यहां नहीं नजर आए।
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