सोनभद्रः म्योरपुर हवाई अड्डे के निर्माण कार्य पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट में है शामिल
किसान की अपील पर कोर्ट के आदेश के बाद म्योरपुर हवाई अड्डे के कार्य को पूरी तरह रोक दिया गया है। इस हवाई अड्डे को अक्तूबर तक चालू करने का निर्देश है लेकिन अब काम रुकने के बाद इस पर असमंजस की स्थिति बन गई है।
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चार राज्यों मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से सटे उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर वाले जनपद सोनभद्र से शीघ्र ही विमान सेवा शुरू होने की उम्मीदों को झटका लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल जिले के म्योरपुर हवाई अड्डे के निर्माण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। भूमि के मुआवजे को लेकर विवाद के बाद प्रभावित किसान की अपील पर कोर्ट ने कार्य रोकते हुए प्रशासन से जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले में 20 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
कोर्ट के आदेश के बाद हवाई अड्डे के कार्य को पूरी तरह रोक दिया गया है। इस हवाई अड्डे को अक्तूबर तक चालू करने का निर्देश है लेकिन हाईकोर्ट के आदेश से काम रुकने के बाद इस पर असमंजस की स्थिति बन गई है। रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत म्योरपुर में हवाईअड्डे का निर्माण कराया जा रहा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। हवाईअड्डे के लिए अधिग्रहीत भूमि में खुद की भूमि होने का दावा कर रहे जौहर हुसैन ने प्रशासन के समक्ष आपत्ति लगाई थी। कहीं से कोई सुनवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
क्या है पूरा मामला
याचिकाकर्ता ने बताया कि वर्ष 2010 में उन्होंने हिंडाल्को के चिकित्सक डॉ. अडूकिया से संक्रमणीय भूमिधर होने के नाते भूमि खरीदी थी। भूमि के दाखिल खारिज के दौरान आपत्ति लग जाने की वजह से आठ वर्ष तक मुकदमा चला। वर्ष 2018 में उनके पक्ष में दाखिल खारिज करने का आदेश हुआ। आदेश के बाद मालिकान भी हो गया लेकिन वह आदेश खतौनी में दर्ज नहीं हो सका।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से उनकी भूमि को जंगल रखात में दर्ज कर दिया गया। कहा कि करीब तीन बीघा भूमि हवाईअड्डे के दायरे में जाने के बाद उन्हें मुआवजे के तौर पर कुछ न मिलने और खतौनी से नाम हटाने पर हाईकोर्ट जाना पड़ा। हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। मुकदमे में अगली तारीख 20 सितंबर को है।
विवादग्रस्त भूमि को छोड़कर होगा निर्माण कार्य
तहसीलदार (दुद्धी) सुरेश चंद्र शुक्ला ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर हवाईअड्डे का कार्य फिलहाल रोका गया है। उच्चाधिकारियों से निर्देश लेकर विवादग्रस्त भूमि को छोड़कर अन्य दूसरे भाग में निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। सोनभद्र जिला मुख्यालय से करीब 100 किमी दूर म्योरपुर है। सब कुछ ठीक रहा तो एक से दो माह के अंदर उड़ान सेवा शुरू हो सकती है। म्योरपुर एयरपोर्ट के शुरू होने से वाराणसी को मिला कर दो हवाई अड्डे केवल पूर्वांचल में हो जाएंगे।