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UP News: सेंट्रल जेल वाराणसी के अधीक्षक पर सोनभद्र में दर्ज होगा प्रकीर्ण वाद, 19 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का आदेश
Sun, 03 Jul 2022 04:56 PM IST
उत्पल कांत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनभद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनभद्र
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 03 Jul 2022 04:56 PM IST
सार
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्ज्मा की अदालत (सोनभद्र) ने केंद्रीय कारागार वाराणसी के वरिष्ठ अधीक्षक के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्ज्मा की अदालत (सोनभद्र) ने 12 मुकदमों से संबंधित अभियुक्त के बारे में तीन माह बाद भी आख्या प्रस्तुत न करने पर सख्त रुख अपनाया है। इसे अत्यंत आपत्तिजनक, अकर्मण्यता मानते हुए केंद्रीय कारागार वाराणसी के वरिष्ठ अधीक्षक के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
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उन्हें 19 जुलाई को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और 13 मार्च को मांगी गई आख्या भी प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को 13 मार्च को भेजे पत्र में आदेशित किया था कि जिला कारागार सोनभद्र से स्थानांतरित होकर केंद्रीय कारागार वाराणसी भेजे गए 12 मुकदमों से संबंधित अभियुक्तों के अर्थदंड के सापेक्ष सजा भुगतने और सजा संपूर्ण करने के संबंध में अविलंब आख्या अविलंब प्रेषित करें।
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अदालत ने की सख्त टिप्पणी
पत्र प्रेषित किए हुए तीन माह से अधिक समय व्यतीत हो गया, लेकिन आख्या प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे कोर्ट ने अत्यंत आपत्तिजनक माना। कोर्ट ने कहा कि यह अकर्णयमता और लापरवाही का द्योतक है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार वाराणसी कोर्ट से भेजे गए पत्र एवं आदेशों को गंभीरता से नहीं लेते और न ही उसका अनुपालन करने में ही रुचि लेते हैं।
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यही वजह रही कि आज तक आख्या नहीं प्रस्तुत की गई। लिहाजा वरिष्ठ अधीक्षक के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज किया जाए। साथ ही 19 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत रखें और मांगी गई आख्या उपलब्ध कराएं।