{"_id":"5bddf1e6bdec2269385b6903","slug":"mining-workers-protested-by-black-striking","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन व्यवसाइयों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन व्यवसाइयों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन
ट्रकों से डीजल लूटने वाले चार गिरफ्तार
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओबरा। बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र खनन व्यवसाइयों ने खनन उद्योग बंद हो जाने से आक्रोषित संगठित होकर शासन प्रशासन के समक्ष स्थाई समाधान की मांग किया है। शनिवार को स्थानीय सुभाष तिराहे पर खनन व क्रशर व्यवसाइयों ने लामबंद होकर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द व्यवसाय चालू कराने की मांग की गई। खनन व क्रशर चालू होने तक सभी खनन व्यापारियों ने काला फीता बांधकर अपने प्रतिष्ठानों पर आने जाने का निर्णय लिया। खनन व्यवसायी नंदलाल पांडेय व संतोष सिंह ने कहा कि खनन उद्योग जिले का सबसे प्रमुख उद्योग है। यह उद्योग डाला सीमेंट फैक्ट्री से भी बड़ा है। इस उद्योग से प्रत्य ्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जिले के छोटे बड़े सभी व्यवसायी व मजदूर जुड़े हुए हैं। खनन उद्योग बंद होने से सभी लोग अपनी रोजी रोटी को लेकर परेशान हैं। लगातार बंदी के दौरान क्रशर पर बिजली बिल व कई व्यवसाइयों के लोन व कर्ज लेकर व्यापार के दौरान बंदी से कर्ज अदायगी करना असंभव हो गया है। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा इटेंडरिंग प्रणाली लाई गई है। लेकिन अब तक प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन ने नए खनन पट्टों को शुरू नहीं किया। वर्तमान में सैकड़ों क्रशर व दर्जनों खदानें बंद होने की वजह से खनन व्यवसाय मरणासन्न स्थिति में है। प्रदर्शन में राजेंद्र जिंदल, नवनीत अग्रवाल, सुशील गोयल, मुकेश बंसल, सुनील अग्रवाल, शिवशंकर अग्रहरि, विनीत त्रिपाठी, संजय केशरी, संजय कुमार, रवि प्रकाश, राजेंद्र गर्ग, संतोष राय, सूर्यनारायण अग्रहरि, राहुल गोयल, इमरान खां, राजसुशील पासवान, रमेश सिंह यादव, अवधेश सिंह, प्रदीप अग्रहरि, अभिषेक जिंदल, राजेश जिंदल मौजूद रहे।
विज्ञापन