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ओबरा को नगर पालिका बनाने के लिए सौंपा ज्ञापन
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ओबरा को नगर पालिका बनाने के लिए सौंपा ज्ञापन
- नगर पंचायत की सीमा विस्तार की भी उठाई गई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ओबरा। ओबरा नगर पंचायत के सीमा विस्तार और नगर पालिका बनाये जाने की मांग को लेकर सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने रमेश सिंह यादव के नेतृत्व में ओबरा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। रमेश सिंह यादव ने बताया कि बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के विभिन्न टोले जिनको जोड़ने के लिए ओबरा नगर पंचायत ने सर्वे किया है, उन्हें तत्काल ओबरा नगर पंचायत के अंतर्गत लाया जाए।
गजराज नगर स्थित कांशीराम आवास कालोनी के पास मौजूद शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की भूमि को ओबरा नगर पंचायत के अंतर्गत लाया जाए। 1320 मेगावाट क्षमता के ओबरा सी की स्थापना के कारण ओबरा नगर पंचायत के कई वार्डों की शक्ल सूरत पूरी तरह बदल गई है। ओबरा सी की वजह से पांच वार्डों का अस्तित्व प्रभावित हो गया है। साथ ही नगर पंचायत क्षेत्र के आसपास बढ़ रहे अर्बन क्षेत्रों में बुनियादी हालात के अत्यंत खराब होने के कारण नगर पंचायत के सीमा विस्तार की आवश्यकता दिख रही है। जिसको लेकर नगर पंचायत ने नये क्षेत्रों के सर्वे के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा है।
ओबरा से सटे बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के बिल्ली, गजराज नगर, भलुआ, खैरेटिया आदि टोलों के साथ ओबरा परियोजना कालोनी के सेक्टर नौ और दस को शामिल करने का प्रस्ताव है। बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत क्षेत्र के विभिन्न टोलों में ग्राम पंचायत स्तर पर अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। अर्द्ध शहरी होते इस आबादी क्षेत्र का विकास पूरी तरह रुका हुआ है। साथ ही ओबरा नगर पंचायत के पांच वार्डों के खत्म हो जाने के कारण वहां से विस्थापित हुयी भारी आबादी को सेक्टर दस के पास जिस स्थान पर बसाया गया है, उसका भी विकास रुका हुआ है। लिहाजा ग्राम पंचायत क्षेत्र को ओबरा नगर पंचायत के अंतर्गत लाने की प्रक्रिया तेज की जाए। ओबरा नगर पंचायत के पास अपनी एक इंच भूमि नहीं है, जिसके कारण नगर पंचायत को कई दिक्क्त पेश आती है। सीमा विस्तार से नगर पंचायत की सामुदायिक भूमिका को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जोड़े गए क्षेत्रों का समुचित विकास होगा। विकास रुके होने के कारण बिल्ली मारकुंडी की जनता में आक्रोश व्याप्त है। इस दौरान अधिवक्ता अनिल चौधरी, मनोज पाठक और बिपिन सिंह कश्यप मौजूद रहे।
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- नगर पंचायत की सीमा विस्तार की भी उठाई गई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ओबरा। ओबरा नगर पंचायत के सीमा विस्तार और नगर पालिका बनाये जाने की मांग को लेकर सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने रमेश सिंह यादव के नेतृत्व में ओबरा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। रमेश सिंह यादव ने बताया कि बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के विभिन्न टोले जिनको जोड़ने के लिए ओबरा नगर पंचायत ने सर्वे किया है, उन्हें तत्काल ओबरा नगर पंचायत के अंतर्गत लाया जाए।
गजराज नगर स्थित कांशीराम आवास कालोनी के पास मौजूद शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की भूमि को ओबरा नगर पंचायत के अंतर्गत लाया जाए। 1320 मेगावाट क्षमता के ओबरा सी की स्थापना के कारण ओबरा नगर पंचायत के कई वार्डों की शक्ल सूरत पूरी तरह बदल गई है। ओबरा सी की वजह से पांच वार्डों का अस्तित्व प्रभावित हो गया है। साथ ही नगर पंचायत क्षेत्र के आसपास बढ़ रहे अर्बन क्षेत्रों में बुनियादी हालात के अत्यंत खराब होने के कारण नगर पंचायत के सीमा विस्तार की आवश्यकता दिख रही है। जिसको लेकर नगर पंचायत ने नये क्षेत्रों के सर्वे के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा है।
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ओबरा से सटे बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत के बिल्ली, गजराज नगर, भलुआ, खैरेटिया आदि टोलों के साथ ओबरा परियोजना कालोनी के सेक्टर नौ और दस को शामिल करने का प्रस्ताव है। बिल्ली मारकुंडी ग्राम पंचायत क्षेत्र के विभिन्न टोलों में ग्राम पंचायत स्तर पर अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। अर्द्ध शहरी होते इस आबादी क्षेत्र का विकास पूरी तरह रुका हुआ है। साथ ही ओबरा नगर पंचायत के पांच वार्डों के खत्म हो जाने के कारण वहां से विस्थापित हुयी भारी आबादी को सेक्टर दस के पास जिस स्थान पर बसाया गया है, उसका भी विकास रुका हुआ है। लिहाजा ग्राम पंचायत क्षेत्र को ओबरा नगर पंचायत के अंतर्गत लाने की प्रक्रिया तेज की जाए। ओबरा नगर पंचायत के पास अपनी एक इंच भूमि नहीं है, जिसके कारण नगर पंचायत को कई दिक्क्त पेश आती है। सीमा विस्तार से नगर पंचायत की सामुदायिक भूमिका को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जोड़े गए क्षेत्रों का समुचित विकास होगा। विकास रुके होने के कारण बिल्ली मारकुंडी की जनता में आक्रोश व्याप्त है। इस दौरान अधिवक्ता अनिल चौधरी, मनोज पाठक और बिपिन सिंह कश्यप मौजूद रहे।
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