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वनक्षेत्र में अवैध खनन बर्दास्त नहीं: मुख्य वनसंरक्षक
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दुद्धी। मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर मंडल रमेश चंद्र झा की टीम ने शनिवार को दुद्धी क्षेत्र में मिल रही अवैध खनन की जांच की। टीम ने कनहर नदी में खनन को देखा। इसके बाद पिपरडीह और कोरगी बालू खनन साइड से निकलने वाले रास्ते को देखा। मातहतों को अवैध खनन को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए।
मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि यदि वन क्षेत्र से किसी प्रकार की बालू, मोरंग अथवा किसी प्रकार का खनन होता है तो संबंधित बीट के अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। खनन करने वालों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्घ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस दुद्घी में पत्रकारों से वार्ता भी की। बताया कि दुद्धी क्षेत्र के कोरगी पिपरडीह बालू खनन साइड मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इसके अलावा ड्योढ़ी कनहर में खनन को देखा गया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 से बालू को वन विभाग से हटा दिया है। उस पर वन विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं रह गया है। सिर्फ वन क्षेत्र में पड़ रहे माइंस तथा धारा 20 की जमीन से हो रही खनन को ही वन विभाग हस्तक्षेप करते हुए जुर्माना कर सकती है। यदि बालू लदी गाड़ियां वन मार्ग से गुजरती है तो विभाग उस पर वन मार्ग शुल्क वसूल करती हैं। इसके बाद उन्होंने टीम के साथ कुदरी के जंगल में कटे पेड़ों का स्थलीय निरीक्षण किया और मातहतों को वन से पेड़ काटे जाने को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। कहा कि जिसके क्षेत्र में पेड़ो की कटान होगी उस क्षेत्र के रेंजर व दरोगा व फारेस्ट गार्ड जिम्मेदार होंगे। टीम में एसडीओ पंकज शुक्ला, ओबरा जेपी सिंह, मंडलीय उड़न दस्ता प्रभारी मनमोहन मिश्रा, रेंजर विंढमगंज विजेन्द्र श्रीवास्तव, बघाडू रेंजर रूप सिंह आदि शामिल रहे।
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मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि यदि वन क्षेत्र से किसी प्रकार की बालू, मोरंग अथवा किसी प्रकार का खनन होता है तो संबंधित बीट के अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। खनन करने वालों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्घ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस दुद्घी में पत्रकारों से वार्ता भी की। बताया कि दुद्धी क्षेत्र के कोरगी पिपरडीह बालू खनन साइड मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इसके अलावा ड्योढ़ी कनहर में खनन को देखा गया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2017 से बालू को वन विभाग से हटा दिया है। उस पर वन विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं रह गया है। सिर्फ वन क्षेत्र में पड़ रहे माइंस तथा धारा 20 की जमीन से हो रही खनन को ही वन विभाग हस्तक्षेप करते हुए जुर्माना कर सकती है। यदि बालू लदी गाड़ियां वन मार्ग से गुजरती है तो विभाग उस पर वन मार्ग शुल्क वसूल करती हैं। इसके बाद उन्होंने टीम के साथ कुदरी के जंगल में कटे पेड़ों का स्थलीय निरीक्षण किया और मातहतों को वन से पेड़ काटे जाने को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। कहा कि जिसके क्षेत्र में पेड़ो की कटान होगी उस क्षेत्र के रेंजर व दरोगा व फारेस्ट गार्ड जिम्मेदार होंगे। टीम में एसडीओ पंकज शुक्ला, ओबरा जेपी सिंह, मंडलीय उड़न दस्ता प्रभारी मनमोहन मिश्रा, रेंजर विंढमगंज विजेन्द्र श्रीवास्तव, बघाडू रेंजर रूप सिंह आदि शामिल रहे।
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