सोनभद्र। महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर सोमवार को जिले में विविध आयोजन हुए। मंदिरों में रामायण पाठ और भजन-कीर्तन के जरिए महर्षि को याद किया गया। वहीं, गोष्ठियों में उनकी रचनाओं और विचारों पर चर्चा कर उनके आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय संचेतना समिति और गुप्तकाशी विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका सभागार में आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह एवं ऋषि सम्मान अलंकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभागाध्यक्ष डॉ. शशांक शुक्ल को साहित्यिक एवं बौद्धिक योगदान के लिए ऋषि सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि बीएचयू के सहायक प्राध्यापक डॉ. राजा पाठक रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पं. पारस नाथ मिश्र ने की। डॉ. शशांक शुक्ल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे कालजयी महाकाव्य की रचना कर भारतीय साहित्य, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को अमूल्य धरोहर दी। उनकी काव्य-साधना भारतीय जीवन-मूल्यों, मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है। डॉ. राजा पाठक ने महर्षि वाल्मीकि की तपस्या, साधना और संकल्प का उल्लेख करते हुए उनके जीवन को आत्मानुशासन, धैर्य और साधना का प्रतीक बताया। पं. पारस नाथ मिश्र ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण सत्य, धर्म और सदाचार का शाश्वत संदेश देती है। उनका साहित्य मानवता को नैतिकता, कर्तव्यबोध और आदर्श जीवन-पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर गुप्तकाशी विकास परिषद के अध्यक्ष पं. आलोक कुमार चतुर्वेदी, राष्ट्रीय संचेतना समिति के निदेशक जगदीश पंथी, आशुतोष मुन्ना, अनूप मिश्रा, कौशल्या देवी, अनुपमा वाणी, डॉ. लखन राम जंगली, प्रेम मिश्रा, वीरेंद्र देव पांडेय, संजय शुक्ला और मनकामना शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन भोलानाथ मिश्र ने किया। भाजपा के जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता की अध्यक्षता में महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति और साहित्य के महान ऋषि थे। उन्होंने रामायण की रचना कर समाज को मर्यादा, सत्य, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष नीरज कनौजिया ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्श समानता, सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष महेश्वर चंद्रवंशी, जिला महामंत्री अशोक कुमार मौर्य, जिला मीडिया प्रभारी रजनीश रघुवंशी, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनील चौबे, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष निशांत कुशवाहा, छोटू पटेल, अभय पटेल, भैयालाल, पंकज गौतम, घनश्याम और दीपचंद्र महतो सहित अन्य लोग मौजूद रहे। राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा काशी क्षेत्र के क्षेत्र महामंत्री अजीत रावत ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन सत्य, धर्म, ज्ञान और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनकी रचना रामायण भारतीय संस्कृति, संस्कार और आदर्श जीवन-मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। इस मौके पर अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष नीरज कनौजिया, नगर मंडल अध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, नगर महामंत्री अनुपम तिवारी, अभिषेक गुप्ता, ध्रुव कांत द्विवेदी, संतोष भारती, अशोक भारती, अनुराग सिंह बंटी और आलोक राव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सम्मान समारोह और संयुक्त कविता संकलन सोन काव्यांजलि के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन साहित्य दीप संस्थान और बार एसोसिएशन के साहित्यिक प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कथाकार रामनाथ शिवेंद्र ने की। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि डॉ. लोकपति सिंह पटेल रहे। कार्यक्रम में अजय चतुर्वेदी कक्का, दिवाकर द्विवेदी मेघ, शिवदास कवि, विकास वर्मा, राजेश कुमार पाठक, प्रद्युम्न त्रिपाठी एडवोकेट, दयानंद दयालू, सुधाकर स्वदेश प्रेम, सुशील मिश्रा, ओमप्रकाश पाठक, रामजी गुप्ता और जयशंकर त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन अशोक तिवारी ने किया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अर्जुन दास केसरी के निधन की सूचना मिलने पर काव्यांजलि कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। अंत में शोक प्रस्ताव पारित कर दो मिनट का मौन रखा गया और डॉ. अर्जुन दास केसरी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।