{"_id":"4d744dee18875a1496fe86c47dcf873e","slug":"lohia-from-disused-toilet-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुपयोगी लोहिया आवास और शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुपयोगी लोहिया आवास और शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Sun, 03 Jan 2016 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में इंदिरा आवास, लोहिया आवास और शौचालय बेकार साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
इनमें भुसे और पुआल रखे जा रहे हैं। आवासों में गाय-बकरियां बांधी जा रही
है। खासकर पंचायत राज विभाग से बने शौचालयों की स्थिति बदतर है। शौचालय
अधूरे पड़े हैं और उनमें सीट तक नहीं डली है।
इससे सरकार की स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है। प्रभारी डीपीआरओ चूरन राम का कहना है कि लोगों को शौचालयों का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जांच कराने में जहां कहीं अधूरा निर्माण पाया जाएगा वहां संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कें द्र सरकार स्वच्छता मिशन पर अच्छा खासा बजट खर्च कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद झाड़ू उठाकर स्वच्छता अभियान को गति देने का काम कर चुके हैं लेकिन जिले के पंचायत राज विभाग ने स्वच्छता अभियान को महज दिखावे तक सीमित कर दिया है।
जिले में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले शौचालयों की स्थिति बद से बदतर है। कहीं शौचालयों का अधूरा निर्माण है तो कहीं निर्माण हुआ ही नहीं। पूर्व में चोपन ब्लॉक के रामगढ़ गांव में शौचालयों का निर्माण कराए बगैर धन हजम करने का मामला सामने आया था।
तब तत्कालीन ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी। फिर भी शौचालयों की खराब स्थिति पर ध्यान नहीं दिया। शौचालयों कहीं लकड़ियां रखी हैं तो कहीं गोइठा। यही हाल कहीं-कहीं इंदिरा और लोहिया आवासों की है।
ये आवास पशुओं को बांधने के काम आ रहे हैं। म्योरपुर ब्लॉक के सांगोबांध ग्राम पंचायतों में शौचालयों के आगे झाड़ियां हैं। उन पर शीट तक नहीं पड़ी है खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार नगवां ब्लॉक के रायपुर ग्राम पंचायत में पिछले पंचवर्षीय में बने शौचालय बेकार पडे़ हैं।
शौचालयों को अधूरा बनाकर ही छोड़ दिया गया है। इसी तरह पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में भी शौचालयों का निर्माण अधूरा है। प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी चूरन राम का कहना है कि शौचालयों के अधूरे होने की जांच कराई जाएगी। हर हाल में उनका निर्माण पूर्ण कराने का निर्देश संबंधितों को दिया जाएगा।
कहा लोगों को शौचालयों का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
इससे सरकार की स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है। प्रभारी डीपीआरओ चूरन राम का कहना है कि लोगों को शौचालयों का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जांच कराने में जहां कहीं अधूरा निर्माण पाया जाएगा वहां संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कें द्र सरकार स्वच्छता मिशन पर अच्छा खासा बजट खर्च कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद झाड़ू उठाकर स्वच्छता अभियान को गति देने का काम कर चुके हैं लेकिन जिले के पंचायत राज विभाग ने स्वच्छता अभियान को महज दिखावे तक सीमित कर दिया है।
जिले में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले शौचालयों की स्थिति बद से बदतर है। कहीं शौचालयों का अधूरा निर्माण है तो कहीं निर्माण हुआ ही नहीं। पूर्व में चोपन ब्लॉक के रामगढ़ गांव में शौचालयों का निर्माण कराए बगैर धन हजम करने का मामला सामने आया था।
तब तत्कालीन ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी। फिर भी शौचालयों की खराब स्थिति पर ध्यान नहीं दिया। शौचालयों कहीं लकड़ियां रखी हैं तो कहीं गोइठा। यही हाल कहीं-कहीं इंदिरा और लोहिया आवासों की है।
ये आवास पशुओं को बांधने के काम आ रहे हैं। म्योरपुर ब्लॉक के सांगोबांध ग्राम पंचायतों में शौचालयों के आगे झाड़ियां हैं। उन पर शीट तक नहीं पड़ी है खलियारी प्रतिनिधि के अनुसार नगवां ब्लॉक के रायपुर ग्राम पंचायत में पिछले पंचवर्षीय में बने शौचालय बेकार पडे़ हैं।
शौचालयों को अधूरा बनाकर ही छोड़ दिया गया है। इसी तरह पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में भी शौचालयों का निर्माण अधूरा है। प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी चूरन राम का कहना है कि शौचालयों के अधूरे होने की जांच कराई जाएगी। हर हाल में उनका निर्माण पूर्ण कराने का निर्देश संबंधितों को दिया जाएगा।
कहा लोगों को शौचालयों का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा।