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मासूम के हत्यारे मामा को उम्रकैद
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रुपये के लालच में तीन वर्षीय भांजी की नृशंस हत्या करने वाले मामा को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्र की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे दो वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मिर्जापुर जिले के अदलहाट थानांतर्गत प्रतापपुर निवासी अभय सिंह ने करमा थाने में 23 अक्तूबर 2015 को ननिहाल में मासूम बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी शादी 2009 में करमा थाना क्षेत्र के महुअरिया गांव निवासी रामदुलारे पटेल की बेटी अनीता के साथ हुई थी। उसे एक तीन वर्ष की बेटी प्रिया थी। उसे छोड़कर पत्नी किसी दूसरे के साथ रहने लगी। बेटी प्रिया अपने ननिहाल में नाना-नानी के साथ रहने लगी। कई बार वह अपनी ससुराल जाकर बेटी प्रिया को अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन ससुर रामदुलारे पटेल ने उसे जाने नहीं दिया। वह सिर्फ यही कहते थे कि जब पांच वर्ष की हो जाएगी तभी भेजेंगे। अभय के मुताबिक जब बेटी पैदा हुई थी तो उसे 20 हजार रुपये का चेक सरकारी सहायता के रूप में मिला था, जो 18 वर्ष की होने पर बेटी को एक लाख रुपये के रुप में मिलता। यह जानकारी ससुर रामदुलारे को थी। यह रुपया संरक्षक को मिलता इसलिए 23 अक्तूबर 2015 को सुबह प्रिया की किसी धारदार हथियार से गला काटकर नृशंस हत्या कर दी। तहरीर पर पुलिस ने नाना रामदुलारे पटेल के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान हत्या करने में मामा दिलीप कुमार पटेल का नाम प्रकाश में आया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने दिलीप के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध होने पर दोषी दिलीप कुमार पटेल को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक मिर्जापुर जिले के अदलहाट थानांतर्गत प्रतापपुर निवासी अभय सिंह ने करमा थाने में 23 अक्तूबर 2015 को ननिहाल में मासूम बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी शादी 2009 में करमा थाना क्षेत्र के महुअरिया गांव निवासी रामदुलारे पटेल की बेटी अनीता के साथ हुई थी। उसे एक तीन वर्ष की बेटी प्रिया थी। उसे छोड़कर पत्नी किसी दूसरे के साथ रहने लगी। बेटी प्रिया अपने ननिहाल में नाना-नानी के साथ रहने लगी। कई बार वह अपनी ससुराल जाकर बेटी प्रिया को अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन ससुर रामदुलारे पटेल ने उसे जाने नहीं दिया। वह सिर्फ यही कहते थे कि जब पांच वर्ष की हो जाएगी तभी भेजेंगे। अभय के मुताबिक जब बेटी पैदा हुई थी तो उसे 20 हजार रुपये का चेक सरकारी सहायता के रूप में मिला था, जो 18 वर्ष की होने पर बेटी को एक लाख रुपये के रुप में मिलता। यह जानकारी ससुर रामदुलारे को थी। यह रुपया संरक्षक को मिलता इसलिए 23 अक्तूबर 2015 को सुबह प्रिया की किसी धारदार हथियार से गला काटकर नृशंस हत्या कर दी। तहरीर पर पुलिस ने नाना रामदुलारे पटेल के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान हत्या करने में मामा दिलीप कुमार पटेल का नाम प्रकाश में आया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने दिलीप के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध होने पर दोषी दिलीप कुमार पटेल को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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