Sonbhadra: सोनभद्र के जंगल में मृत मिला तेंदुआ, गले और पीठ पर चोट के निशान, जांच में जुटा वन विभाग
सोनभद्र जिले में म्योरपुर वन रेंज में शनिवार को तेंदुए का शव मिला। तेंदुए की मौत का कारण साफ नहीं है। गले और पीठ पर चोट के निशान हैं। वन विभाग की टीम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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यूपी के सोनभद्र जिले में म्योरपुर वन रेंज के डडिहरा गांव से सटे जंगल में शनिवार को तेंदुए का शव मिला। उसके गले और पीठ पर चोट के निशान मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि तेंदुआ किसी दूसरे क्षेत्र से भटक कर आया था। मौत के कारणों पर कोई स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है। तीन राजपत्रित अधिकारियों की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों के पैनल ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया है। अरसे बाद जंगल में तेंदुआ मिलने के बाद हर कोई सकते में है। वन विभाग छानबीन में जुट गया है।
डडीहरा ग्राम पंचायत के खाले डडीहरा गांव से सटे जंगल में शनिवार को ग्रामीण एक पेड़ के नीचे तेंदुआ देखकर सहम गए। काफी देर तक तेंदुए के शरीर में कोई हलचल न होने पर वन विभाग को सूचना दी। जिस पेड़ के नीचे तेंदुए का शव पड़ा था, बड़ी संख्या में उसकी पत्तियां गिरी थीं।
वन क्षेत्राधिकारी शहजादा इस्माइलुद्दीन के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आसपास छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए म्योरपुर रेंज परिसर लाया गया। वहां एसडीओ पिपरी ऊषा देवी, एसडीओ म्योरपुर भानेंद्र सिंह, रेंजर शहजादा इस्माइलुद्दीन की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान उसके गले और पीठ पर चोट के निशान मिले हैं।
युवा था तेंदुआ
डडिहरा गांव के जंगल में मृत मिले तेंदुए की उम्र 8 से 10 वर्ष होने का अनुमान है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक सरोज ने बताया कि तेंदुए की उम्र 17 से 18 साल तक होती है। मृत मिला तेंदुआ 10 साल के अंदर का ही है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि इलाके में तेंदुओं की प्रजाति मौजूद है। पिपरी के चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष मौर्या ने कहा कि तेंदुआ काफी फुर्तीला होता है। 80 किलो तक का वजन लेकर बड़े पेड़ों पर चढ़ सकता है।
बालों को छीला तो दिखे जख्म के निशान
म्योरपुर वन रेंज के जंगलों में तेंदुए की मौत की सूचना मिलते ही भीड़ पहुंचने लगी। वन रेंज कार्यालय में भी लोग तेंदुआ देखने के लिए पहुंचे। हालांकि वन कर्मियों ने उन्हें बाहर कर दिया। मौके पर कड़ी सुरक्षा रही। पता चला कि पोस्टमार्टम के दौरान जब तेंदुए के बाल छीले गए तो गर्दन और पीठ पर गहरा निशान पाया गया, जिससे दम घुटने से मौत की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि जंगली सूअर के शिकार के लिए अक्सर जंगलों में शिकारी जाल लगाते हैं। तेंदुआ इसी जाल में फंसा होगा। हालांकि वन विभाग के अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
- तेंदुए की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। वह तंदुरुस्त था। उसकी मौत सामान्य रूप से नहीं हुई है। यह जांच का विषय है कि किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई है। - डॉ मनीष मौर्या, पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्सालय पिपरी।
- स्थानीय जंगलों में तेंदुए की मौजूदगी के फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं है। संभव है यह तेंदुआ छत्तीसगढ़ या मध्य प्रदेश के जंगलों से भटककर यहां आया हो। उसकी मौत कैसे हुई है, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है। - मनमोहन मिश्र, डीएफओ, रेणुकूट।