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सोनभद्रः मेडिकल कालेज की जमीन चयन में गड़बड़ी में लेखपाल बर्खास्त, संबंधित पेशकार और अधिकारी की भूमिका की होगी जांच
Fri, 15 May 2020 05:47 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 15 May 2020 05:47 PM IST
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बर्खास्त
- फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र में मेडिकल कालेज की जमीन के चयन में हेराफेरी के आरोप में लेखपाल विष्णु चंद द्विवेदी को शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया गया। डीएम के निर्देश पर जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर लेखपाल को पहले ही निलंबित कर दिया गया था। साथ ही, तहसीलदार को जांच अधिकारी नामित किया गया था।
दोबारा आई जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम सदर यमुनाधर चौहान ने लेखपाल को बर्खास्त कर दिया। डीएम ने बताया कि इस मामले में संबंधित पेशकार और संबंधित न्यायालय के अधिकारी की भूमिका की भी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने बताया कि मेडिकल कालेज से संबंधित जमीन के चयन में राजस्व लेखपाल व अन्य कार्मिकों की मिलीभगत से हेराफेरी की गई।
जांच में मुख्य भूमिका लेखपाल की मिली। बर्खास्त लेखपाल विष्णु के खिलाफ पांच आरोप थे। इसमें बेची जा चुकी जमीन को दोबारा मेडिकल कालेज के पक्ष में बैनामा कराने का आरोप भी शामिल है। बताया कि यदि समय से इस पर आपत्ति प्राप्त नहीं होती तो राज्य सरकार को करीब 18 लाख रुपये का नुकसान होता। विष्णु चंद्र द्विवेदी के क्रियाकलाप सरकारी सेवा में बने रहने योग्य नहीं है। इसलिए निलंबित लेखपाल को बर्खास्त कर दिया गया।
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दोबारा आई जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम सदर यमुनाधर चौहान ने लेखपाल को बर्खास्त कर दिया। डीएम ने बताया कि इस मामले में संबंधित पेशकार और संबंधित न्यायालय के अधिकारी की भूमिका की भी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने बताया कि मेडिकल कालेज से संबंधित जमीन के चयन में राजस्व लेखपाल व अन्य कार्मिकों की मिलीभगत से हेराफेरी की गई।
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जांच में मुख्य भूमिका लेखपाल की मिली। बर्खास्त लेखपाल विष्णु के खिलाफ पांच आरोप थे। इसमें बेची जा चुकी जमीन को दोबारा मेडिकल कालेज के पक्ष में बैनामा कराने का आरोप भी शामिल है। बताया कि यदि समय से इस पर आपत्ति प्राप्त नहीं होती तो राज्य सरकार को करीब 18 लाख रुपये का नुकसान होता। विष्णु चंद्र द्विवेदी के क्रियाकलाप सरकारी सेवा में बने रहने योग्य नहीं है। इसलिए निलंबित लेखपाल को बर्खास्त कर दिया गया।
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