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Sonebhadra News: गरीबी को पीछे छोड़ लखपति बनीं विनीता, दूध बेचकर कमा रहीं मुनाफा

Wed, 09 Apr 2025 12:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 09 Apr 2025 12:21 AM IST
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Leaving poverty behind, Vinita became a millionaire, earning profit by selling milk
ग्रामीण आजीविका मिशन ने परसिद्धी गांव की विनीता की तकदीर बदल दी है। कभी गरीबी और निराशा के साए में जी रही विनीता आज स्वयं सहायता समूह से जुड़कर दुग्ध उत्पादन के जरिए अच्छा मुनाफा पा रही हैं। अब तक एक लाख रुपये से अधिक कमा चुकी हैं। उनके पास 40 से अधिक गायें हैं।
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काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से वह आर्थिक सशक्तीकरण के रास्ते पर चलकर अपनी जिंदगी को नई दिशा दे रही हैं। तरावां न्याय पंचायत के परसिद्धी गांव में रहने वाली विनीता ने स्नातक की पढ़ाई की है। वह अपने 14 सदस्यों वाले परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालती थीं।
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विनीता बताती हैं कि उनके पास 10-12 गायें थीं, जिनका दूध वे निजी डेयरियों को बेचती थीं। दिन-रात मेहनत के बावजूद उचित मूल्य और समय पर भुगतान न मिलने से उनका जीवन संघर्षों से भरा था। दूध बेचने के बाद भी घर का खर्च चलाना मुश्किल था।
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बच्चों की पढ़ाई और परिवार की बुनियादी जरूरतें एक सपने जैसी थीं, लेकिन किस्मत ने उनके लिए एक नया मोड़ तब लिया, जब उन्होंने काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के बारे में सुना। कंपनी की उचित मूल्य नीति और किसानों को हर संभव मदद देने का वादा उनके लिए आशा की एक किरण बन गया।
आज उनके पास 40 गाय हैं, महिलाओं का एक स्वयं सहायता समूह है जिसके जरिए वो आज क्षेत्र की तमाम ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं। विनीता ने ओम महिला सहायता समूह के जरिए काशी मिल्क से हाथ मिलाया और अपनी मेहनत को नई दिशा दी।
कंपनी की मदद से उन्हें उचित मूल्य, प्रशिक्षण और संसाधन मिले। मात्र दो साल में उनकी आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई और आज उनके पास 40 से अधिक गाय हैं। विनीता गर्व से कहती हैं कि योगी सरकार की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने मेरी जिंदगी बदल दी।

अब मैं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही हूं और परिवार को बेहतर जीवन दे रही हूं। इस कंपनी के तहत 700 गांवों की 30497 महिलाएं जुड़ी हैं, जो प्रतिदिन 1.03 लाख लीटर दूध एकत्र करती हैं। इनमें से 5209 महिलाएं अब ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक है।
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