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Sonebhadra News: सात माह बाद भी नही शुरू हुआ कुलडोमरी ग्राम समूह पेयजल योजना
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कुलडोमरी ग्राम समूह पेयजल परियेाजना का संचालन सात माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गर्मी शुरू होने को है और अभी से ग्राम पंचायत में पेयजल का संकट गहराने लगा है। आगे पेयजल की समस्या और भी विकट हो सकती है।
जल निगम ने परियोजना को कुलडोमरी गांव को ऑनलाइन हस्तांरित तो कर दिया है, लेकिन ग्राम पंचायत के पास संचालन के लिए फंड नहीं हैं।बताया जा रहा है कि कुलडोमरी गांव के सुदुर क्षेत्रों के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जिला खनिज क्षेत्र कल्याण योजनातंर्गत 47.63 करोड़ की लागत से एक डब्ल्यूटीपी प्लांट और सात पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया है। इस परियोजना से गांव के हजारों घर लाभान्वित हो रहे थे। जल निगम ने परियोजना के निर्माण के बाद एक वर्ष तक ठेकेदार से प्लांट का संचालन कराकर ग्रामीणों को शुद्ध पानी पहुंचाया, लेकिन एक वर्ष बाद जल निगम ने परियोजना को ऑनलाइन हस्तांतरित कर दिया। जल निगम के ठेकेदार ने ऑपरेटरों का हिसाब कर बताया कि अब उनका अनुबंध समाप्त हो रहा है, तब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई। 31 जुलाई 2023 से प्लांट का संचालन बंद हो गया। ग्रामीणों के हंगामे के बाद ग्राम सभा ने किसी तरह एक महीना प्लांट को चलवाने की कोशिश की, लेकिन मोटर खराब होने के कारण प्लांट फिर बंद हो गया। मोटर मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत के पास कोई फंड नही था, तो प्लांट को बंद कर दिया गया। आज भी ग्राम पंचायत को प्लांट संचालन के लिए कोई फंड नही मिला है। इसके लिए ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों सहित एसडीएम से लेकर जिलाधिकारी तक प्लांट को चलाने की गुहार लगाई। डीपीआरओ और जल निगम के अधिकारियों ने गांव में ग्रामीणों संग बैठक भी की, लेकिन कोई नतीजा नही निकला। विभागीय उदासीनता के कारण सरकार का करोड़ों का प्लांट धूल फांक रहा है और ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं।
समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल निगम खराब मोटर का मरम्मत करा रहा है। मगर संचालन के लिए कोई फंड नही मिला है। फंड के लिए मांग किया गया है, मिलते ही प्लांट का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। - बीरमति, ग्राम प्रधान, कुलडोमरी।
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जल निगम ने परियोजना को कुलडोमरी गांव को ऑनलाइन हस्तांरित तो कर दिया है, लेकिन ग्राम पंचायत के पास संचालन के लिए फंड नहीं हैं।बताया जा रहा है कि कुलडोमरी गांव के सुदुर क्षेत्रों के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री जिला खनिज क्षेत्र कल्याण योजनातंर्गत 47.63 करोड़ की लागत से एक डब्ल्यूटीपी प्लांट और सात पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया है। इस परियोजना से गांव के हजारों घर लाभान्वित हो रहे थे। जल निगम ने परियोजना के निर्माण के बाद एक वर्ष तक ठेकेदार से प्लांट का संचालन कराकर ग्रामीणों को शुद्ध पानी पहुंचाया, लेकिन एक वर्ष बाद जल निगम ने परियोजना को ऑनलाइन हस्तांतरित कर दिया। जल निगम के ठेकेदार ने ऑपरेटरों का हिसाब कर बताया कि अब उनका अनुबंध समाप्त हो रहा है, तब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई। 31 जुलाई 2023 से प्लांट का संचालन बंद हो गया। ग्रामीणों के हंगामे के बाद ग्राम सभा ने किसी तरह एक महीना प्लांट को चलवाने की कोशिश की, लेकिन मोटर खराब होने के कारण प्लांट फिर बंद हो गया। मोटर मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत के पास कोई फंड नही था, तो प्लांट को बंद कर दिया गया। आज भी ग्राम पंचायत को प्लांट संचालन के लिए कोई फंड नही मिला है। इसके लिए ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों सहित एसडीएम से लेकर जिलाधिकारी तक प्लांट को चलाने की गुहार लगाई। डीपीआरओ और जल निगम के अधिकारियों ने गांव में ग्रामीणों संग बैठक भी की, लेकिन कोई नतीजा नही निकला। विभागीय उदासीनता के कारण सरकार का करोड़ों का प्लांट धूल फांक रहा है और ग्रामीण शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं।
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समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल निगम खराब मोटर का मरम्मत करा रहा है। मगर संचालन के लिए कोई फंड नही मिला है। फंड के लिए मांग किया गया है, मिलते ही प्लांट का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। - बीरमति, ग्राम प्रधान, कुलडोमरी।
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