{"_id":"51d4e2f3d859ea03a3b53c8eaa8c09a2","slug":"kshatriya-society-strongly-emphasized-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षत्रिय समाज की मजबूती पर जोर दिया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षत्रिय समाज की मजबूती पर जोर दिया
अमर उजाला ब्यूरो। सोनभद्र
Updated Sat, 09 May 2015 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संत कीनाराम महिला महाविद्यालय राबर्ट्सगंज में शनिवार को महाराणा प्रताप सिंह की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर क्षत्रिय समाज से जुडे़ लोगों ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। साथ ही क्षत्रिय समाज की मजबूती पर भी जोर दिया गया। इसी क्रम में क्षत्रिय समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक विकास पर गोष्ठी हुई। गोष्ठी का शुभारंभ महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण और पूजन-अर्चन से हुआ।
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बड़हर स्टेट के राजा आभूषण ब्रहमशाह ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने अपने अदम्य साहस और वीरता के बल पर दुश्मनों को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया था। उनके त्याग और तपस्या की कहानियों से इतिहास भरा पड़ा है। यही कारण था कि दुश्मन भी महाराणा प्रताप का लोहा मानते थे। कहा कि महराणा का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। अध्यक्षता कर रहे इंद्रदेव सिंह ने कहा कि समाज के सभी लोगों को देश की सेवा में जीवन समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। राबर्ट्सगंज में घोड़े पर सवार महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगाने पर जोर दिया गया। डा. गोपाल सिंह ने कहा कि महापुरुष वहीं होता है जो देश और समाज के लिए जीता और मरता है। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व ऐसा ही था, हमें उनसे देश भक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर शमशेर बहादुर सिंह, रामआसरे, इंद्रसेन सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, संतोष सिंह चंदेल, ललित नारायण सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बड़हर स्टेट के राजा आभूषण ब्रहमशाह ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप ने अपने अदम्य साहस और वीरता के बल पर दुश्मनों को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया था। उनके त्याग और तपस्या की कहानियों से इतिहास भरा पड़ा है। यही कारण था कि दुश्मन भी महाराणा प्रताप का लोहा मानते थे। कहा कि महराणा का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। अध्यक्षता कर रहे इंद्रदेव सिंह ने कहा कि समाज के सभी लोगों को देश की सेवा में जीवन समर्पित करने का संकल्प लेना चाहिए। राबर्ट्सगंज में घोड़े पर सवार महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगाने पर जोर दिया गया। डा. गोपाल सिंह ने कहा कि महापुरुष वहीं होता है जो देश और समाज के लिए जीता और मरता है। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व ऐसा ही था, हमें उनसे देश भक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर शमशेर बहादुर सिंह, रामआसरे, इंद्रसेन सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, संतोष सिंह चंदेल, ललित नारायण सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन