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Sonbhadra News: बच गई करमा ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी, अविश्वास प्रस्ताव पर नहीं हो सकी चर्चा; वजह जान लें
Thu, 04 Jan 2024 04:05 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 04 Jan 2024 04:05 PM IST
सार
गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में तय समय तक सिर्फ 28 सदस्य ही पहुंच सके। ऐसे में कोरम ही नहीं पूरा हो सका। हालांकि कुल 75 सदस्यों वाले क्षेत्र पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 38 सदस्यों की उपस्थिति चाहिए थी।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
करमा ब्लॉक प्रमुख सीमा कोल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की कोशिश नाकाम रही। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए गुरुवार को बुलाई गई बैठक में कोरम ही पूरा नहीं हो सका। कुल 75 सदस्यों वाले क्षेत्र पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 38 सदस्यों की उपस्थिति चाहिए थी, लेकिन तय समय तक सिर्फ 28 सदस्य ही पहुंच सके। लिहाजा मजिस्ट्रेट ने बैठक को रद्द कर दिया। अब विपक्ष को प्रमुख के लिए अविश्वास प्रस्ताव के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
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वर्ष 2021 में भाजपा के समर्थन पर सीमा कोल नवसृजित करमा ब्लॉक की पहली ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुईं। उन्हें कुल 75 में 42 सदस्यों ने समर्थन दिया था, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी मीना देवी को 32 वोट मिले थे। गत सितंबर माह में क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी देवी के नेतृत्व में 55 से अधिक सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ब्लॉक प्रमुख के प्रति अविश्वास जाहिर करते हुए सीडीओ को शपथ पत्र सौंपा था। अविश्वास प्रस्ताव लाने की नोटिस दी थी।
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इस पर बैठक के लिए तिथि तय की गई, मगर तकनीकी कारणों से बैठक को स्थगित करना पड़ा था। इसके विरुद्ध विपक्षी सदस्यों ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए चार जनवरी की तिथि तय की थी। डिप्टी कलेक्टर प्रमोद तिवारी को मजिस्ट्रेट नामित किया गया। गुरुवार को सुबह 10 बजे से ही भारी फोर्स के साथ मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी ब्लॉक परिसर पहुंच गए थे।
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सदस्यों के आने का भी क्रम शुरू हो गया। बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी सिर्फ 28 सदस्य ही उपस्थित हो सके। डिप्टी कलेक्टर प्रमोद तिवारी ने बताया कि बैठक के लिए आधे से अधिक यानी कम से कम 38 सदस्यों की उपस्थिति जरूरी थी, लेकिन कोरम पूरा न होने के कारण प्रस्ताव खारिज हो गया है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।