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झिंगुरदा परियोजना को दो पुरस्कार
संवाददाता अमर उजाला सोनभद्र
Updated Thu, 02 Apr 2015 11:17 PM IST
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मिनी रत्न कंपनी एनसीएल की पहली परियोजना झिंगुरदा को खदान सुरक्षा में दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। पिछले दिनों नई दिल्ली के विज्ञान भवन हाल में हुए कार्यक्रम में
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पहला पुरस्कार एनसीएल के सीएमडी तापस कुमार नाग एवं कर्मचारी प्रतिनिधि सुनील कुमार सिंह और दूसरा पुरस्कार झिंगुरदा के जीएम एसके गोमास्ता को राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (खान) दिया।
वर्ष 2011 में कंपनी को अधिकतम दुर्घटना रहित अवधि की श्रेणी में और वर्ष 2012 में न्यूनतम आघात आवृत्ति दर की श्रेणी में अव्वल आने पर यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
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सीएमडी तापस कुमार नाग ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2014-15 के कोयला उत्पादन एवं कोयला प्रेषण के आंकड़ों पर गौर करें तो परियोजना ने 2.27 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है,
जो पिछले वित्त वर्ष 2013-14 के मुकाबले 45 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह परियोजना ने वित्त वर्ष 2014-15 में 2.33 मिलियन टन कोयले का प्रेषण (डिस्पैच) किया है।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पहला पुरस्कार एनसीएल के सीएमडी तापस कुमार नाग एवं कर्मचारी प्रतिनिधि सुनील कुमार सिंह और दूसरा पुरस्कार झिंगुरदा के जीएम एसके गोमास्ता को राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (खान) दिया।
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वर्ष 2011 में कंपनी को अधिकतम दुर्घटना रहित अवधि की श्रेणी में और वर्ष 2012 में न्यूनतम आघात आवृत्ति दर की श्रेणी में अव्वल आने पर यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
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सीएमडी तापस कुमार नाग ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2014-15 के कोयला उत्पादन एवं कोयला प्रेषण के आंकड़ों पर गौर करें तो परियोजना ने 2.27 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है,
जो पिछले वित्त वर्ष 2013-14 के मुकाबले 45 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह परियोजना ने वित्त वर्ष 2014-15 में 2.33 मिलियन टन कोयले का प्रेषण (डिस्पैच) किया है।