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जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं ग्रामीण

Thu, 05 Nov 2020 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 12:09 AM IST
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jaan jokhim mein daalakar nadee paar karate hain graameenjaan jokhim mein daalakar nadee paar karate hain graameen
कोन। नवसृजित कोन ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरवाखांड के टोला रगरम मे निवास कर रहे सैकड़ों अब भी आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं। पांडु नदी के किनारे बसे दलित परिवार के लोगों को नदी में चलकर पार होकर घर पहुंचना पड़ता है। यदि सडक मार्ग से जाना हो तो डेढ़ से दो किमी का अतिरिक्त सफर करना पडता है। पांडु नदी पर पुल बन जाए तो लोगों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी। गांव के लोगों का कहना है कि सभी नदी के धारा में पार कर बाजार आने को मजबूर हैं। नदी पर पुलिया निर्माण कराने की मांग वर्षों से की जा रही है। वहीं इसी नदीं के किनारे बसे ग्राम पंचायत मिश्री के बहुआरा गांव में संचालित प्राथमिक विद्यालय में जाने के लिए एकमात्र साधन क्यारी का मेड़ है। बारिश के दिनों में स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी होती थी। बहुआरा के नवयुवकों ने समिति बनाकर रविवार को करीब सौ मीटर की सड़क श्रमदान कर बना दिया।
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युवक पंकज की मानें तो वर्षों से मेड़ के सहारे बच्चे स्कूल जाने को विवश थे। इसकी शिकायत कई बार ग्राम प्रधान से की गयी लेकिन आज तक कोई सुधि नहीं लिया। यही नहीं बहुआरा गांव जाने के लिए पाण्डु नदी पर बना पुलिया भी वर्षों पहले टूटी है जिसके सहारे किसी प्रकार नदी मे चलकर पार होने को विवश है। भुक्तभोगी ग्रामीण अमरनाथ राम का कहना है कि आजादी के 73 वर्ष बाद भी आवागमन को लेकर गुलाम की जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। कविता देवी ने कहा की पांडु नदी पर पुल नही होने से बरसात के दिनों मे बच्चों को स्कूल जाना बंद हो जाता है। कलावती देवी ने कहा कि हम सभी साप्ताहिक बाजार करने को मजबूर है क्योंकि जब भी बाहर जाना होता है नदी के पानी को पैदल पार करना पडता है सबसे ज्यादा समस्या गंभीर बीमारी या गर्भवती महिलाओं को लेकर अस्पताल ले जाने मे होती है। विफनी ने कहा कि हम सभी ग्राम वासी ग्राम प्रधान से नदी पर पुल बनाने के लिए वर्षों से मांग करते चले आ रहे है लेकिन आज तक कोई ध्यान नहीं दिया, इसबार जो भी पुलिया बनएगा उसी को मतदान करेगें। ग्राम प्रधान बरवाखांड शैरूननिशा ने बताया कि ग्राम पंचायत मे पुलिया निर्माण कराने का बजट नहीं है उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेज मांग किया गया है।
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