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Sonebhadra News: पांच साल तक चलने की थी गारंटी, चार साल सड़क बनाने में ही बीते

Fri, 11 Apr 2025 12:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Apr 2025 12:05 AM IST
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It was guaranteed to last for five years, four years were spent in building the road
सोनभद्र/अनपरा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों का जिले में हाल ठीक नहीं है। जिन सड़कों के पांच साल तक बेहतर हाल में रहने की गारंटी है, वे चार साल बाद भी पूरी ही नहीं हो पाई हैं। कहीं वन विभाग की एनओसी ने सड़कों के निर्माण में पेच फंसा दिया है तो कहीं ठेकेदार की लापरवाही से सड़क अधूरी पड़ी है। यही नहीं, जो सड़कें बनी हैं, वे भी डेढ़ साल में ही टूट गई हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे योजना में भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं। जिम्मेदारों की दलील है कि ग्रामीण सड़कों पर ओवरलोड वाहनों के दौड़ने से यह हाल हुआ है, जबकि ग्रामीण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायत करते रहे हैं। लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। जो लोग पांच साल तक अच्छी सड़क पर चलने की उम्मीद लगाए थे, उन्हें गड्ढों में उठापटक से दुश्वारी झेलनी पड़ रही है।
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जोगेंद्रा-सिदहवा मार्ग : जून 2020 में शुरू हुआ था काम, अब तक अधूरा



कुलडोमरी ग्राम पंचायत में सिदहवां से जोगेंद्रा गांव को जोड़ने वाली 20 किलोमीटर लंबी सड़क को पीएमजीएसवाई के तहत चयनित किया गया था। इस कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। सड़क को 9 मीटर चौड़ा बनाया जाना था। कार्य वाराणसी के एके कंस्ट्रक्शन को आवंटित हुआ था। ठेकेदार ने जून 2020 में कार्य शुरू किया। सड़क में 29 छोटी बड़ी पुलिया, 0.440 किलामीटर रपटा और 0.500 किमी सीसी रोड का काम होना है। निविदा के अनुसार कार्य को एक वर्ष के अंदर समाप्त कर लेना था, लेकिन चार वर्ष बीत गए अभी तक सड़क अधूरी है। 20 किमी की सड़क के बीच में 3 करोड़ की लागत से दो बड़ी पुलिया बनी है। इसके अलावा सभी छोटे पुलियों का काम भी पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन सड़क के पूरे हिस्से पर ठेकेदार ने गिट्टी बिछाकर छोड़ दी है। सड़कों पर बिछे नुकीले पत्थर से दो पहिया वाहन एवं साइकिल दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है।
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सुअरसोत खुर्द से सिरसिया मार्ग : 2026 तक अनुरक्षण की तिथि, अभी सड़क ही नहीं बनी

बिहार बॉर्डर पर स्थित नगवां ब्लॉक में सुअरसोत खुर्द से सिरसिया मार्ग की सड़क को भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल किया गया था। इस सड़क की लंबाई 19.2 किमी है। इसके निर्माण के लिए 12.20 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। जुलाई 2020 को काम शुरू हुआ और मार्च 2021 तक इसे पूरा करना था। इसके बाद मार्च 2026 तक संबंधित संस्था को इस सड़क की देखरेख करनी थी। लोगों को उम्मीद थी कि पीएमजीएसवाई से सड़क बनेगी तो पांच साल तक उन्हें दिक्कत नहीं होगी। गाजीपुर के सिद्धेश्वर नगर कॉलोनी लंका के ठेकेदार को यह सड़क बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। निर्माण शुरू पांच साल बीतने को हैं, मगर अब तक सड़क ही पूरी नहीं हो पाई है। सड़क का आधा हिस्सा अभी तक अधूरा है। इस पर गिट्टी डालकर छोड़ी गई है तो कहीं पहले चरण का काम भी शुरू नहीं हुआ है।
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डेढ़ साल में ही उखड़ गया कोन-विंढमगंज मार्ग



ीएमजीएसवाई के तहत बनी सड़क में भ्रष्टाचार का उदाहरण कोन-विंढमगंज मार्ग भी है। करीब 21.850 किमी लंबी यह सड़क कोन से शुरू होकर कचनरवा होते हुए विंढमगंज को जाती है। इस सड़क का निर्माण अक्तूबर 2021 में पूरा हुआ था। इस पर 12 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। वाराणसी की कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी ने यह कार्य कराया था। अक्तूबर 2026 तक यह सड़क अनुरक्षण अवधि में है। ग्रामीणों के मुताबिक, बनने के बाद डेढ़ साल में ही यह सड़क टूटने लगी थी। मौजूदा समय में जिले की सबसे खराब सड़कों में यह शामिल है। मार्ग पर गड्ढे भयावह रूप ले चुके हैं। इसमें अक्सर गिरकर राहगीर घायल हो रहे हैं। सड़क की बदहाली के चलते 20 किमी की दूरी तय करने में डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं। पिछले दिनों डीएम बद्रीनाथ सिंह भी इस सड़क के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसकी हालत देख उन्होंने ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने का भी निर्देश दिया था। गड्ढे भरने को भी कहे थे, लेकिन अब तक स्थिति नहीं सुधरी है।


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वर्जन...

सिदहवां से जोगेंद्रा मार्ग तक सड़क निर्माण में वन विभाग की ओर एनओसी मिलने में देरी होने के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। इसी तरह सुअरसोत से सिरसिया मार्ग का भी काम एनओसी मिलने में देरी के कारण पूरा नहीं हो पाया था। अब यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कार्य शुरू करा दिया गया है। जल्द ही ये सड़कें पूरी हो जाएंगी। जहां तक कोन-विंढमगंज मार्ग का सवाल है तो इसे ग्रामीण मानक के तहत बनाया गया था, लेकिन इस पर ओवरलोड वाहनों के गुजरने से सड़क टूट गई। इसकी मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। - प्रशांत यादव अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई सोनभद्र।
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