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कनहर परियोजना के विस्थापितों को लाभ न देने की जांच शुरू
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कनहर परियोजना अमवार से प्रभावित विस्थापितों को मुआवजा समेत अन्य सुविधाएं ना मिलने के मामले की जांच शुरू हो गई है। शासन स्तर से डीएम को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट अवगत कराने कहा गया है। डीएम टीके शिबू के आदेश पर दुद्धी तहसीलदार ने प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट मुहैया कराने की दिशा में कार्यवाही शुरू कर दी है।
बता दें कि पूर्व में कनहर परियोजना अमवार से प्रभावित कुछ विस्थापितों ने राज्यपाल को पत्रक भेजकर अवगत कराया है कि डीएम के निर्देश पर कनहर परियोजना के विस्थापितों को चिह्नित किया गया। वर्ष 2014 में 1810 परिवार, वर्ष 2016 में 1909 परिवार और वर्ष 2021 में 424 परिवारों को विस्थापन का लाभ देने के लिए सूचीबद्ध किया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सभी पात्रों को विस्थापन का लाभ नहीं मिला है। प्रधानमंत्री आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल सचिवालय की तरफ से डीएम को प्रकरण की जांच कराकर अवगत कराने को कहा गया है। डीएम के निर्देश पर दुद्धी तहसीलदार ने उक्त मामले की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने कहा कि विस्थापितों के शिकायत पत्रों की जांच की जा रही है। कहा कि जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
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बता दें कि पूर्व में कनहर परियोजना अमवार से प्रभावित कुछ विस्थापितों ने राज्यपाल को पत्रक भेजकर अवगत कराया है कि डीएम के निर्देश पर कनहर परियोजना के विस्थापितों को चिह्नित किया गया। वर्ष 2014 में 1810 परिवार, वर्ष 2016 में 1909 परिवार और वर्ष 2021 में 424 परिवारों को विस्थापन का लाभ देने के लिए सूचीबद्ध किया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सभी पात्रों को विस्थापन का लाभ नहीं मिला है। प्रधानमंत्री आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल सचिवालय की तरफ से डीएम को प्रकरण की जांच कराकर अवगत कराने को कहा गया है। डीएम के निर्देश पर दुद्धी तहसीलदार ने उक्त मामले की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने कहा कि विस्थापितों के शिकायत पत्रों की जांच की जा रही है। कहा कि जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
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