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कार्मिक प्रबंधक को सौंपी गर्ई जांच
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शक्तिनगर। एनसीएल निगाही क्षेत्र में निविदा आमंत्रण सूचना (एनआईटी) के प्राविधानों के उलट उपभोक्ता पंप के लिए एनओसी दिए जाने के मामले की जांच निगाही कोयला क्षेत्र के कार्मिक प्रबंधक करेंगे।
इससे संबंधित शिकायत को एनसीएल सीएमडी के तकनीकी सचिव ने निगाही कोयला क्षेत्र के कार्मिक प्रबंधक कबीर को सौंपा है। जांच आख्या आने के बाद यह साफ हो पाएगा कि इस मामले में जिम्मेदारों ने किन नियमों को शिथिल करते हुए अनापत्ति जारी किया। नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के कोल प्रोजेक्टों में भ्रष्टाचार नया नहीं। यह मामला एनसीएल निगाही कोयला प्रोजेक्ट का है। यहां निविदा आमंत्रण सूचना में उल्लेखित शर्तो के खिलाफ एक निजी कंपनी को एनसीएल की भूमि पर उपभोक्ता (कंज्यूमर) पंप लगाने के लिए एनओसी जारी की गई। पूरे मामले को उठाने वाले एविडेंस (एनजीओ) के जनरल सेक्रेटरी कुमार अविनाश के मुताबिक एनओसी जारी करते वक्त एनआईटी की शर्तो को दरकिनार कर दिया गया।
पीजी पोर्टल के जरिए शिकायत 29 अप्रैल को कोल इंडिया की महाप्रबंधक तृप्ति पराग शॉ के यहां पहुंची। 30 अप्रैल को उन्होंने शिकायत एनसीएल के टीएस टू सीएमडी(जीएम ग्रीवांस) पीके विश्वाल को ट्रांसफर कर दिया। सीएमडी के तकनीकी सचिव पीके विश्वाल ने तीन मई को जांच संबंधी पत्रावली एनसीएल निगाही के प्रबंधक कार्मिक कबीर को भेज दिया। माना जा रहा है कि सबकुछ सही दिशा में चला तो एनसीएल निगाही के अधिकारियों पर आरोप तय किए जा सकते। जनरल सेक्रेटरी एवीडेंस (एनजीओ) कुमार अविनाश का कहना है कि एनसीएल का यह गंभीर मामला है। अब पूरे प्रकरण से अधिकारी पल्ला झाड़ रहे ऐसे में यह जरूरी हो गया कि पता चले कि किसके इशारे पर नियम के खिलाफ कार्य हुआ।
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इससे संबंधित शिकायत को एनसीएल सीएमडी के तकनीकी सचिव ने निगाही कोयला क्षेत्र के कार्मिक प्रबंधक कबीर को सौंपा है। जांच आख्या आने के बाद यह साफ हो पाएगा कि इस मामले में जिम्मेदारों ने किन नियमों को शिथिल करते हुए अनापत्ति जारी किया। नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के कोल प्रोजेक्टों में भ्रष्टाचार नया नहीं। यह मामला एनसीएल निगाही कोयला प्रोजेक्ट का है। यहां निविदा आमंत्रण सूचना में उल्लेखित शर्तो के खिलाफ एक निजी कंपनी को एनसीएल की भूमि पर उपभोक्ता (कंज्यूमर) पंप लगाने के लिए एनओसी जारी की गई। पूरे मामले को उठाने वाले एविडेंस (एनजीओ) के जनरल सेक्रेटरी कुमार अविनाश के मुताबिक एनओसी जारी करते वक्त एनआईटी की शर्तो को दरकिनार कर दिया गया।
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पीजी पोर्टल के जरिए शिकायत 29 अप्रैल को कोल इंडिया की महाप्रबंधक तृप्ति पराग शॉ के यहां पहुंची। 30 अप्रैल को उन्होंने शिकायत एनसीएल के टीएस टू सीएमडी(जीएम ग्रीवांस) पीके विश्वाल को ट्रांसफर कर दिया। सीएमडी के तकनीकी सचिव पीके विश्वाल ने तीन मई को जांच संबंधी पत्रावली एनसीएल निगाही के प्रबंधक कार्मिक कबीर को भेज दिया। माना जा रहा है कि सबकुछ सही दिशा में चला तो एनसीएल निगाही के अधिकारियों पर आरोप तय किए जा सकते। जनरल सेक्रेटरी एवीडेंस (एनजीओ) कुमार अविनाश का कहना है कि एनसीएल का यह गंभीर मामला है। अब पूरे प्रकरण से अधिकारी पल्ला झाड़ रहे ऐसे में यह जरूरी हो गया कि पता चले कि किसके इशारे पर नियम के खिलाफ कार्य हुआ।
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