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अधूरे निर्माण से हो रहीं दुर्घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Mon, 11 Jan 2016 11:49 PM IST
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सड़कों पर सुरक्षित चलने के लिए किए गए प्रयासों के क्रम में शासन का आदेश है कि सड़कों पर लोगों को सजग करने के लिए और दुर्घटना कम करने के लिए संकेतक जरूर लगाए जाएं।
इसके बावजूद प्रशासन इस आदेश का पालन नहीं करा रहा है। जिले में कई ऐसे स्थान हैं जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन संबंधित विभाग उन स्थानों पर कोई संकेतक नहीं लगवाया है।
वाराणसी की तरफ से जिले में प्रवेश करने के बाद जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से दस किमी पहले हिंदुआरी में ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। लेकिन यहां पर वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। फोर लेन पर अधूरा ओवरब्रिज किसी दिन भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।
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इसी तरह से राबर्ट्सगंज मुख्यालय में निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर भी यही हाल है, हालांकि ओवरब्रिज पर एक लेन को बंद कर दिया गया है। फिर भी आधा एप्रोज ओपेन है। संकेतक न लगे होने के चलते यहां भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जिला मुख्यालय से दस किमी शक्तिनगर रूट पर जाने के बाद मारकुुंडी घाटी के घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर भी वाहन चालक को सूचित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
हालांकि इस रूट पर नित्य चलने वाले चालकों को इको प्वाइंट आते ही घाटी शुरू होने की जानकारी हो जाती है, लेकिन नए चालक के लिए यह स्थान सुरक्षित नहीं है। इस स्थान पर अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। दो दिन पूर्व यहां एक डीजल लदा टैंकर पलट गया था। इससे पूर्व बीजपुर स्थित रिहंद थर्मल पावर में कार्यरत इंजीनियर की कार बोलेरो से टकरा गई। इस तरह से इस स्थान पर कई अन्य दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
सुरक्षा के नाम पर हिंदुआरी में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के किनारे बांस लगा कर प्लास्टिक से बैरेकेडिंग की गई है। इस रास्ते से प्रतिदिन पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा माननीय और जनता आती और जाती है। इसके बावजूद सड़क का निर्माण कार्य करा रही चेतक कंपनी सड़क के किनारे रेलिंग बनाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
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इसके बावजूद प्रशासन इस आदेश का पालन नहीं करा रहा है। जिले में कई ऐसे स्थान हैं जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन संबंधित विभाग उन स्थानों पर कोई संकेतक नहीं लगवाया है।
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वाराणसी की तरफ से जिले में प्रवेश करने के बाद जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से दस किमी पहले हिंदुआरी में ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। लेकिन यहां पर वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। फोर लेन पर अधूरा ओवरब्रिज किसी दिन भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।
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इसी तरह से राबर्ट्सगंज मुख्यालय में निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर भी यही हाल है, हालांकि ओवरब्रिज पर एक लेन को बंद कर दिया गया है। फिर भी आधा एप्रोज ओपेन है। संकेतक न लगे होने के चलते यहां भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जिला मुख्यालय से दस किमी शक्तिनगर रूट पर जाने के बाद मारकुुंडी घाटी के घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर भी वाहन चालक को सूचित करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
हालांकि इस रूट पर नित्य चलने वाले चालकों को इको प्वाइंट आते ही घाटी शुरू होने की जानकारी हो जाती है, लेकिन नए चालक के लिए यह स्थान सुरक्षित नहीं है। इस स्थान पर अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। दो दिन पूर्व यहां एक डीजल लदा टैंकर पलट गया था। इससे पूर्व बीजपुर स्थित रिहंद थर्मल पावर में कार्यरत इंजीनियर की कार बोलेरो से टकरा गई। इस तरह से इस स्थान पर कई अन्य दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
सुरक्षा के नाम पर हिंदुआरी में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के किनारे बांस लगा कर प्लास्टिक से बैरेकेडिंग की गई है। इस रास्ते से प्रतिदिन पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा माननीय और जनता आती और जाती है। इसके बावजूद सड़क का निर्माण कार्य करा रही चेतक कंपनी सड़क के किनारे रेलिंग बनाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।