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गर्भवती महिला के मामले में नर्सों से स्पष्टीकरण तलब
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:42 PM IST
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जिला अस्पताल में बुधवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा महिला मरीज के संग किए गए अमानवीय व्यवहार को विभाग के साथ जिले के अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जहां पीड़िता को अस्पताल ने सारी सुविधाएं मुहैय्या कराई, वहीं मरीज के संग अमानवीय व्यवहार करने वाले कर्मचारी के विरुद्घ कार्रवाई करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
शाहगंज के ओड़ौली गांव की गर्भवती पार्वती बुधवार को जिला अस्पताल उपचार के लिए पहुंची थी। यहां वह घंटों प्रसव कक्ष के बाहर फर्श पर तड़पती रही। इस दौरान किसी ने भी उसकी ओर देखना उचित नहीं समझा।
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बाद में अस्पताल के ही एक चिकित्सक ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। अमर उजाला के जरिए स्वास्थ्य कर्मचारी के द्वारा महिला मरीज के संग किए गए अमानवीय व्यवहार की जानकारी डीएम को हुई। फिर क्या था जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उधर सूचना मिलने पर सीएमओ भी रात में ही जिला अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल में रात में ही महिला चिकित्सक समेत अन्य चिकित्सकों, लैब टेक्निशियन, रेडियोलाजिस्ट आदि भी बुलाए गए और महिला का विधिवत उपचार शुरू किया गया।
सीएमओ के साथ अपर सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस भी देर रात तक अस्पताल में रहे और गर्भवती के उपचार में जुटे रहे। सीएमओ यूके वर्मा ने बताया कि देर रात तक महिला को दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया और फिर गंभीर हालत देखते हुए उसे मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
बताया कि सुबह से ही गर्भवती के फर्श पर कराहने के मामले की जांच की जा रही है। संबंधित नर्सों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस मामले में जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि बुधवार की दोपहर ही चिकित्सक ने महिला को गंभीर देख मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था लेकिन फिर भी यदि किसी वजह से महिला फर्श पर पड़ी रही तो उसका संज्ञान अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ को लेना चाहिए था।
बता दें कि अमर उजाला ने इस मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाया और प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। जिस पर प्रशासनिक अमला के साथ ही स्वास्थ्य महकमा एक्टिव हुआ और महिला का उपचार शुरू हुआ।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद जहां पीड़िता को अस्पताल ने सारी सुविधाएं मुहैय्या कराई, वहीं मरीज के संग अमानवीय व्यवहार करने वाले कर्मचारी के विरुद्घ कार्रवाई करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
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शाहगंज के ओड़ौली गांव की गर्भवती पार्वती बुधवार को जिला अस्पताल उपचार के लिए पहुंची थी। यहां वह घंटों प्रसव कक्ष के बाहर फर्श पर तड़पती रही। इस दौरान किसी ने भी उसकी ओर देखना उचित नहीं समझा।
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बाद में अस्पताल के ही एक चिकित्सक ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। अमर उजाला के जरिए स्वास्थ्य कर्मचारी के द्वारा महिला मरीज के संग किए गए अमानवीय व्यवहार की जानकारी डीएम को हुई। फिर क्या था जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उधर सूचना मिलने पर सीएमओ भी रात में ही जिला अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल में रात में ही महिला चिकित्सक समेत अन्य चिकित्सकों, लैब टेक्निशियन, रेडियोलाजिस्ट आदि भी बुलाए गए और महिला का विधिवत उपचार शुरू किया गया।
सीएमओ के साथ अपर सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस भी देर रात तक अस्पताल में रहे और गर्भवती के उपचार में जुटे रहे। सीएमओ यूके वर्मा ने बताया कि देर रात तक महिला को दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया और फिर गंभीर हालत देखते हुए उसे मिर्जापुर मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
बताया कि सुबह से ही गर्भवती के फर्श पर कराहने के मामले की जांच की जा रही है। संबंधित नर्सों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस मामले में जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बताया कि बुधवार की दोपहर ही चिकित्सक ने महिला को गंभीर देख मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था लेकिन फिर भी यदि किसी वजह से महिला फर्श पर पड़ी रही तो उसका संज्ञान अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ को लेना चाहिए था।
बता दें कि अमर उजाला ने इस मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाया और प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। जिस पर प्रशासनिक अमला के साथ ही स्वास्थ्य महकमा एक्टिव हुआ और महिला का उपचार शुरू हुआ।