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परिवहन निगम की कीमती भूमि पर अवैध कब्जा, यहां कब चलेगा बुलडोजर

Wed, 08 Jun 2022 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 11:51 PM IST
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Illegal occupation of transport corporation's precious land, when will the bulldozer run here
सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराना शासन की प्राथमिकता है। अवैध कब्जे पर बुलडोजर भी गरज रहे हैं मगर ओबरा में परिवहन विभाग की करोड़ों की पांच बीघा भूमि के कब्जे पर किसी की नजर नहीं है। एसडीएम कोर्ट से बेदखली आदेश केे बावजूद मामला लंबित है। हाल है कि कब्जे के चलते रोडवेज की बसें सड़क पर ही खड़ी हो रही हैं और बीच सड़क पर ही यात्री को भी खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि ओबरा में डिपो के निर्माण के लिए वर्ष 1981 में पांच बीघा 15 बिस्वा जमीन की विद्युत बोर्ड से रजिस्ट्री कराई गई। वर्ष 2018 में रजिस्ट्री हुई भूमि का दाखिल-खारिज भी हो चुका है मगर डिपो निर्माण में हुए विलंब के कारण धीरे-धीरे पूरी जमीन पर ही कुछ लोग काबिज हो गए। अब वहां कई बड़ी दुकानें हैं। पर्याप्त सुरक्षा बल के अभाव में परिवहन निगम कुछ नहीं कर सका। बाद में किसी प्रकार 15 बिस्वा जमीन तो अवैध कब्जे से मुक्त करा ली कई है मगर पांच बीघा जमीन अब भी अवैध कब्जे में है। परिवहन निगम के साथ यात्रियों को भी जल्द ही सरकारी भूमि के अतिक्रमण मुक्त होने का इंतजार है।
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एसडीएम कोर्ट से जारी हुआ बेदखली का आदेश
निगम के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2019 में एसडीएम कोर्ट से निगम की जमीन से अवैध कब्जाधारकों को बेदखल करने का आदेश भी जारी किया जा चुका है मगर अतिक्रमणकारियों के दायर पुनर्विचार वाद के कारण मामला अधर में लटका हुआ है।
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सड़क पर खड़ी होती हैं रोडवेज बसें
निगम ने बाकायदा प्रवेश द्वार का निर्माण कराया है मगर प्रवेश द्वार भी अतिक्रमण का शिकार है। बेखौफ अतिक्रमणकारी बसों को अंदर प्रवेश ही नहीं करने देते। लिहाजा निगम की बसें सड़क पर ही यात्रियों को बस पर बैठाती हैं। इससे चालक-परिचालक सहित यात्रियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रतिदिन आठ बसें जाती हैं ओबरा
इस समय प्रतिदिन निगम की वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज आदि स्थानों से आठ बसें ओबरा जाती हैं। बस स्टैंड परिसर अतिक्रमण की भेंट चढ जाने के कारण दूर से आने वाले चालक-परिचालकों को दैनिक दिनचर्या निपटाने में भी परेशानी उठानी पड रही है।

जमीन पर अवैध कब्जा है। इस दिशा में उच्चाधिकारियों के साथ जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा जा रहा है। अगर निगम की भूमि से अवैध कब्जा हट जाता है तो तत्कल वहां पर यात्री शेड के साथ तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बसों का परिचालन भी बढ़ाया जाएगा। इससे निगम के साथ सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा। - उमाशंकर पति त्रिपाठी, एआरएम, सोनभद्र डिपो
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