{"_id":"670ff7cc245c74e82809b590","slug":"if-consumers-did-not-come-to-the-camp-then-went-door-to-door-to-resolve-their-complaints-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-119330-2024-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: शिविर में उपभोक्ता नहीं आए तो घर-घर जाकर शिकायतों का किया समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: शिविर में उपभोक्ता नहीं आए तो घर-घर जाकर शिकायतों का किया समाधान
विज्ञापन
बिजली बिल की गड़बड़ी, बकाया जमा कराने व कनेक्शन से जुड़ी अन्य शिकायतों के समाधान के लिए बुधवार को चेतवा टोला तिराहे पर बिजली निगम ने कैंप लगाया। प्रचार-प्रसार के अभाव में कैंप में उपभोक्ता नहीं पहुंचे।
काफी देर इंतजार के बाद अधिकारियों-कर्मचारियों ने खुद घर-घर जाकर शिकायतें सुनीं और बकाया जमा कराया। शिविर में एसडीओ म्योरपुर शिवम गुप्ता, जेई बिहारी लाल, लाइनमैन संदीप के साथ अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सुबह 10 बजे से कैंप शुरू हुआ।
एक घंटे तक इंतजार के बाद भी यहां कोई उपभोक्ता नहीं आए। इसके बाद अधिकारी-कर्मचारी खुद डोर टू डोर जाने लगे। घरों तक पहुंचकर बिजली की बिल से जुड़ी समस्याएं सुनी और समाधान किया।
विज्ञापन
इस दौरान 25 हजार रुपये के बकाया बिल जमा कराए गए। वहीं इस धनराशि से अधिक के बकाएदारों का 15 कनेक्शन भी काटा गया।
लोड वृद्धि के साथ कनेक्शन भी जोड़े गए। एसडीओ शिवम गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए ही शिविर का आयोजन था। बाद में घरों तक जाकर शिकायतों का समाधान किया गया।
विज्ञापन
काफी देर इंतजार के बाद अधिकारियों-कर्मचारियों ने खुद घर-घर जाकर शिकायतें सुनीं और बकाया जमा कराया। शिविर में एसडीओ म्योरपुर शिवम गुप्ता, जेई बिहारी लाल, लाइनमैन संदीप के साथ अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सुबह 10 बजे से कैंप शुरू हुआ।
विज्ञापन
एक घंटे तक इंतजार के बाद भी यहां कोई उपभोक्ता नहीं आए। इसके बाद अधिकारी-कर्मचारी खुद डोर टू डोर जाने लगे। घरों तक पहुंचकर बिजली की बिल से जुड़ी समस्याएं सुनी और समाधान किया।
विज्ञापन
इस दौरान 25 हजार रुपये के बकाया बिल जमा कराए गए। वहीं इस धनराशि से अधिक के बकाएदारों का 15 कनेक्शन भी काटा गया।
लोड वृद्धि के साथ कनेक्शन भी जोड़े गए। एसडीओ शिवम गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए ही शिविर का आयोजन था। बाद में घरों तक जाकर शिकायतों का समाधान किया गया।