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भारत मां का बेटा हूं, नहीं किसी से डरता हूं...
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साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था सोन संगम ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत एक शाम शहीदों के नाम का आयोजन किया। शहीदों को कविताओं से श्रद्धांजलि दी गई। कवि सोमनाथ सिंह यादव ने देश के खातिर जन्म लिए तुम, लेना जन्म दोबारा, जो सरहद पर हुए शहीद, उनको नमन हमारा... काव्य संध्या की शुरुआत की। अतिथियों का स्वागत विजय कुमार दुबे ने किया।
डॉ. मानिक चंद पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम देश के लिए कुर्बान होने वाले वीर शहीदों के लिए समर्पित है। वीर जवानों के प्रति अपने भाव बहर बनारसी ने हमारे मुल्क हिंदुस्तान की बात करो, जहां की खाते हो रोटी... सुनाकर व्यक्त किया। माहिर मिर्जापुरी उर्फ कृपाशंकर ने सुनाया, ‘देश की आन पर जान दे देंगे हम, वंदे मातरम, वंदे मातरम’। रमाकांत पांडेय ने शहीदों को विनम्र नमन करते हुए ‘भारत मां का बेटा हूं, नहीं किसी से डरता हूं...’ सुनाया। अध्यक्षता कर रहे एनटीपीसी शक्तिनगर के एजीएम विनय कुमार अवस्थी ने सुनाया ‘कर्तव्य मात्र की, कभी नहीं अपने अधिकार, मान तिरंगा रखने सैनिक, बलिवेदी करता स्वीकार...’। एजीएम आलोक चंद ठाकुर ने अपनी देशभक्ति की कविता से पूरी काव्य संध्या को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। एनटीपीसी राजभाषा अनुभाग के वरिष्ठ प्रबंधक ओमप्रकाश ने आधुनिक समाज की संवेदना को कविता में व्यक्त किया। इनके अलावा श्रवण कुमार, मिथिलेश आदि ने भी कविताएं सुनाई। संचालन रमाकांत पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन रामकृष्ण राम ने किया। इस दौरान एसडी पांडेय, दुर्गेश्वर मिश्र, अरविंद कुमार निगम, डॉ. विनोद कुमार पांडेय, डॉ. छोटेलाल, डॉ. अनिल कुमार दुबे, डॉ. दिनेश कुमार, उदय नारायण पांडेय, मुकेश कुमार, घनश्याम, अच्छेलाल, सचिन कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे। इस मौके पर दुर्घटना में शहीद हुए विपिन रावत व अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
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डॉ. मानिक चंद पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम देश के लिए कुर्बान होने वाले वीर शहीदों के लिए समर्पित है। वीर जवानों के प्रति अपने भाव बहर बनारसी ने हमारे मुल्क हिंदुस्तान की बात करो, जहां की खाते हो रोटी... सुनाकर व्यक्त किया। माहिर मिर्जापुरी उर्फ कृपाशंकर ने सुनाया, ‘देश की आन पर जान दे देंगे हम, वंदे मातरम, वंदे मातरम’। रमाकांत पांडेय ने शहीदों को विनम्र नमन करते हुए ‘भारत मां का बेटा हूं, नहीं किसी से डरता हूं...’ सुनाया। अध्यक्षता कर रहे एनटीपीसी शक्तिनगर के एजीएम विनय कुमार अवस्थी ने सुनाया ‘कर्तव्य मात्र की, कभी नहीं अपने अधिकार, मान तिरंगा रखने सैनिक, बलिवेदी करता स्वीकार...’। एजीएम आलोक चंद ठाकुर ने अपनी देशभक्ति की कविता से पूरी काव्य संध्या को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। एनटीपीसी राजभाषा अनुभाग के वरिष्ठ प्रबंधक ओमप्रकाश ने आधुनिक समाज की संवेदना को कविता में व्यक्त किया। इनके अलावा श्रवण कुमार, मिथिलेश आदि ने भी कविताएं सुनाई। संचालन रमाकांत पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन रामकृष्ण राम ने किया। इस दौरान एसडी पांडेय, दुर्गेश्वर मिश्र, अरविंद कुमार निगम, डॉ. विनोद कुमार पांडेय, डॉ. छोटेलाल, डॉ. अनिल कुमार दुबे, डॉ. दिनेश कुमार, उदय नारायण पांडेय, मुकेश कुमार, घनश्याम, अच्छेलाल, सचिन कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे। इस मौके पर दुर्घटना में शहीद हुए विपिन रावत व अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
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