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Sonebhadra News: सात प्रतिशत गिरा हाईस्कूल का परिणाम, प्रदेश में अंतिम स्थान पर सोनभद्र

Sat, 26 Apr 2025 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Apr 2025 12:47 AM IST
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High school results fell by 7%, Sonbhadra ranked last in the state
सोनभद्र। यूपी बोर्ड के नतीजों में इस बार जिले का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। हाईस्कूल में सात प्रतिशत की गिरावट के साथ सोनभद्र प्रदेश में सबसे नीचे 75वें स्थान पर पहुंच गया। वर्ष 2024 में जिले का परिणाम 81.66 प्रतिशत था। तब सोनभद्र को प्रदेश में 74वीं रैंक मिली थी। इस बार 74.72 फीसदी बच्चे ही परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं।
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24 फरवरी से 12 मार्च तक चली बोर्ड परीक्षा में जिले के 24295 विद्यार्थियों ने हाईस्कूल की परीक्षा में हिस्सा लिया था। इसमें 18154 ने सफलता हासिल की है। टॉप-10 की सूची में 20 छात्र-छात्राओं ने जगह बनाई है। इसमें सिर्फ तीन राजकीय हाईस्कूल के विद्यार्थी हैं। अन्य सभी टॉपर एडेड व निजी विद्यालयों के हैं। मेरिट सूची में इस बार लड़कियों का दबदबा रहा है। मेरिट सूची के 20 में से 12 नाम लड़कियों के ही हैं। ज्यादातर टॉपर ग्रामीण क्षेत्रों से निकले हैं। हाईस्कूल के खराब परिणाम के पीछे स्कूलों की दशा को कारण बताया जा रहा है। कहीं शिक्षक तो कहीं संसाधन के अभाव से जूझ रहे स्कूलों में पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को खूब मशक्कत करनी पड़ती है।
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5-6 घंटे की पढ़ाई, ऑनलाइन कोचिंग का लिया सहारा
- संसाधनों के अभाव के बावजूद आयुष ने टॉपर बनकर दिखाई राह
संवाद न्यूज एजेंसी
म्योरपुर (सोनभद्र)। हाईस्कूल की परीक्षा में जिले के टॉपर आयुष कुमार की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं है। आरंगपानी गांव के झरईल टोला निवासी आयुष के पिता मनोज कुमार जायसवाल फेरी लगाकर कपड़े बेचते हैं। मां रेखा देवी गृहिणी हैं। संसाधनों के अभाव के बावजूद हार न मानते हुए आयुष ने पूरी लगन से पढ़ाई की और जिले की श्रेष्ठता सूची में पहला स्थान पाया। आयुष ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए वह 5-6 घंटे नियमित पढ़ते थे। कोचिंग करने की क्षमता नहीं थी, इसलिए खुद से पढ़ाई पर ही भरोसा रखा। फिजिक्स के लिए कुछ समय की ऑनलाइन कोचिंग जरूर ली थी। इसके बाद वह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे। बताया कि उनका लक्ष्य इंजीनियर बनना है। इसके लिए अभी से एकाग्र होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगा रहे हैं। आयुष दो भाइयों में बड़े हैं। छोटा भाई सचिन इस वर्ष नौवीं कक्षा में है। बेटे की उपलब्धि पर माता-पिता भी खुशी से फूले नहीं समा रहे।
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