सोनभद्र: हाईकोर्ट ने डीएम समेत पांच को किया तलब, उभ्भा कांड से जुड़ा मामला
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सोनभद्र जिले के घोरावल विकासखंड के कोलकाड़ी गांव में 93 बीघा जमीन को बंजर खाते में दर्ज करने का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट प्रयागराज पहुंच गया है। एडीएम के आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई रोक और कब्जे पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का पालन न किए जाने की बात कहते हुए अवमानना याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट की बेंच ने डीएम सहित पांच को सुनवाई के लिए तलब कर लिया है।
जुलाई 2019 में घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा गांव में एक समिति की जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। उसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। उभ्भा कांड के बाद जमीन पर कथित रूप से गलत तरीके से दर्ज नामों को खारिज करने को लेकर अभियान चलाया गया था। अभियान के तहत पिछले वर्ष तत्कालीन एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने उप निदेशक चकबंदी की हैसियत से राज्य सरकार की तरफ से दाखिल रिवीजन का संज्ञान लिया। इस दौरान विभूतिनारायण सिंह आदि के नाम दर्ज करीब 93 बीघा जमीन को बंजर खाते का होने का निर्णय देते हुए उसे ग्राम समाज के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया था।
इसे विभूतिनारायण और नौ अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी। न्यायमूर्ति अजय बहनोत की बेंच ने मामले की सुनवाई की। बेंच ने एडीएम के आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। कब्जे में किसी तरह का हस्तक्षेप करने से भी रोका गया था।
याची के अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के पालन में हीलाहवाली पर रिपुंजय सिंह की तरफ से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। उन्होंने बताया कि न्यायमूर्ति अजय कुमार की बेंच ने डीएम, तत्कालीन एसडीएम, तत्कालीन तहसीलदार सहित पांच को नोटिस जारी कर तलब किया है।