{"_id":"bb750ad8168d6ad75f79487f59a01118","slug":"heavy-rainfall-affected-normal-life-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Thu, 09 Jul 2015 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊर्जांचल परिक्षेत्र में दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने पानी निकासी के इंतजाम की पोल खोलकर रख दी है। अनपरा, औड़ी, परासी, ककरी, बीना, खड़िया, शक्तिनगर हर जगह सड़क किनारे नालियां चोक होने से हाइवे पर पानी का बहाव बना रहा। शक्तिगर-खडिय़ा परिक्षेत्र में कई फुट पानी के बहाव से आवागमन भी प्रभावित हुआ। इस इलाके में पेड़ गिरने से आवाजाही भी प्रभावित हुई। निचले इलाकों में पानी घुसने से लोग परेशान रहे।
मौसम के मिजाज में बुधवार की शाम आए बदलाव के बाद बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ उसका क्रम गुुरुवार को भी रुक-रुक कर जारी रहा। दोपहर में हवा के साथ हुई तेज बारिश से जन जीवन प्रभावित हो गया।
पानी की वजह से कई चार पहिया, दो पहिया वाहन फंस कर बंद हो गए, जिसको चलते आवागमन कर रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह खडिय़ा बाजार स्थित पुलिया, थाने के पास से गुजरी रेलवे पटरी के ऊपर से पानी का तेज बहाव हुआ।
विज्ञापन
कोटा बस्ती बाइपास रोड़, पेट्रोल पंप के पास से यूपी-एमपी को जोडने वाले रास्ते के साथ गई खास संपर्क रास्तों पर पानी का बहाव होने से लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राजीव गांधी मार्केट, प्रेमनगर, बलिया नाला, सहित कई स्थानों पर पेड़ गिरने से कुछ दुकानों और घरों को भी क्षति पहुंची।
संयोगवश कोई जनहानि नहीं हुई। परसवार राजा गांव में जल निकासी को बंदोबस्त नहीं होने से कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। अचानक बरसात से लोगाें को इस बात का अंदेशा नहीं था। लिहाजा वह परेशान हो उठे। ऐसे में जितनी जल्दी हो सका उन्हांेंने इससे बचाव के उपाय करने भी शुरू कर दिए।
प्रधान तारा प्रसाद ने बताया कि पिछले साल बारिश के पानी ने गांव में जमकर तबाही मचाई थी। के बाद भी जल निकासी की व्यवस्था न होने से लोगों की नींद उड़ गई है। उन्हें इस बात का डर सताने लगा है कि यदि कहीं आैर जोरदार बारिश हुई तो।
उधर, अनपरा परिक्षेत्र में बुधवार की रात से मिलाकर गुरुवार की सुबह तक 80 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। वहीं राबट्र्सगंज परिक्षेत्र में 40 मिमी वर्षा दर्ज हुई। मौसम वैज्ञानिक डा. राजन सिंह का कहना था कि बारिश का दौर शुरू हो चुका है। दो-तीन दिन तक इसी तरह का मौसम बने रहने की उम्मीद है।
विज्ञापन
मौसम के मिजाज में बुधवार की शाम आए बदलाव के बाद बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ उसका क्रम गुुरुवार को भी रुक-रुक कर जारी रहा। दोपहर में हवा के साथ हुई तेज बारिश से जन जीवन प्रभावित हो गया।
विज्ञापन
पानी की वजह से कई चार पहिया, दो पहिया वाहन फंस कर बंद हो गए, जिसको चलते आवागमन कर रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह खडिय़ा बाजार स्थित पुलिया, थाने के पास से गुजरी रेलवे पटरी के ऊपर से पानी का तेज बहाव हुआ।
विज्ञापन
कोटा बस्ती बाइपास रोड़, पेट्रोल पंप के पास से यूपी-एमपी को जोडने वाले रास्ते के साथ गई खास संपर्क रास्तों पर पानी का बहाव होने से लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राजीव गांधी मार्केट, प्रेमनगर, बलिया नाला, सहित कई स्थानों पर पेड़ गिरने से कुछ दुकानों और घरों को भी क्षति पहुंची।
संयोगवश कोई जनहानि नहीं हुई। परसवार राजा गांव में जल निकासी को बंदोबस्त नहीं होने से कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। अचानक बरसात से लोगाें को इस बात का अंदेशा नहीं था। लिहाजा वह परेशान हो उठे। ऐसे में जितनी जल्दी हो सका उन्हांेंने इससे बचाव के उपाय करने भी शुरू कर दिए।
प्रधान तारा प्रसाद ने बताया कि पिछले साल बारिश के पानी ने गांव में जमकर तबाही मचाई थी। के बाद भी जल निकासी की व्यवस्था न होने से लोगों की नींद उड़ गई है। उन्हें इस बात का डर सताने लगा है कि यदि कहीं आैर जोरदार बारिश हुई तो।
उधर, अनपरा परिक्षेत्र में बुधवार की रात से मिलाकर गुरुवार की सुबह तक 80 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। वहीं राबट्र्सगंज परिक्षेत्र में 40 मिमी वर्षा दर्ज हुई। मौसम वैज्ञानिक डा. राजन सिंह का कहना था कि बारिश का दौर शुरू हो चुका है। दो-तीन दिन तक इसी तरह का मौसम बने रहने की उम्मीद है।