{"_id":"62d55fa776f32414a7730e53","slug":"hand-pump-of-tribal-settlement-deteriorated-villagers-protested-sonbhadra-news-vns6645982118","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदिवासी बस्ती का हैंडपंप खराब, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदिवासी बस्ती का हैंडपंप खराब, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी टोला खैरटिया के खरवार बस्ती में एक महीने से खराब हैंडपंप न बन पाने के कारण अपना दल एस के जिला उपाध्यक्ष पंचायत मंच शिवदत्त दुबे के नेतृत्व में प्रधान के खिलाफ सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। शिवदत्त दुबे ने बताया कि इस बस्ती में एक सरकारी हैंडपंप है जिससे कई घरों के लोग पानी पीते हैं। इसकी सूचना प्रधान और ब्लॉक के अधिकारियों को कई बार दी गई। ग्राम प्रधान की उदासीनता के कारण यहां के आदिवासी पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
कहा कि खैरटिया में ही अंबेडकर बस्ती में एक सार्वजनिक सुलभ शौचालय है जिसका चार महीने से हैंडपंप का मोटर खराब है लेकिन अभी तक नहीं बन पाया। यहां के पुरुषों और महिलाओं को बाहर शौचालय के लिए जाना पड़ रहा है जिससे प्रधानमंत्री की मुख्य योजना प्रभावित हो रही है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। विरोध प्रदर्शन में सुख अंबर खरवार, लच्छू, हर्षमणि खरवार, भगवंती, रामवृक्ष खरवार, सुधु खरवार, रविंदर, पप्पू, सूरज, हरिवंश, राम बहाल, रामबली, कन्हैया, मीना, चंद्रावती, हीरावती, कलावती, मनिया देवी, निशा, चंदा आदि ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी पानी की समस्या को दूर नहीं किया गया तो सारे ग्रामीण एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
कहा कि खैरटिया में ही अंबेडकर बस्ती में एक सार्वजनिक सुलभ शौचालय है जिसका चार महीने से हैंडपंप का मोटर खराब है लेकिन अभी तक नहीं बन पाया। यहां के पुरुषों और महिलाओं को बाहर शौचालय के लिए जाना पड़ रहा है जिससे प्रधानमंत्री की मुख्य योजना प्रभावित हो रही है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। विरोध प्रदर्शन में सुख अंबर खरवार, लच्छू, हर्षमणि खरवार, भगवंती, रामवृक्ष खरवार, सुधु खरवार, रविंदर, पप्पू, सूरज, हरिवंश, राम बहाल, रामबली, कन्हैया, मीना, चंद्रावती, हीरावती, कलावती, मनिया देवी, निशा, चंदा आदि ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी पानी की समस्या को दूर नहीं किया गया तो सारे ग्रामीण एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन