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सोनभद्र में राज्यपाल ने शिक्षा और सेहत से सशक्तिकरण का दिया संदेश
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सेवाकुंज आश्रम चपकी के बिरसा मुंडा सभागार से राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने महिलाओं के सशक्तीकरण का संदेश दिया। शिक्षा और सेहत को इसका सबसे अहम जरिया बताया। महिलाओं में तेजी से बढ़ते सर्वाइकल कैंसर से बचाव पर जोर दिया तो कुपोषण मिटाने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षित और स्वस्थ रहेंगी तभी वह खुद सशक्त बनेंगी और समाज को सशक्त करेंगी। महिलाओं ने आह्वान किया कि वे अपने अधिकार को जानें और पुरुषों पर ही निर्भर रहने की आदत छोड़ें।
राज्यपाल ने कहा कि आज महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती सर्वाइकल कैंसर का है। इससे ग्रसित 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की मौत हो रही है। यह आगे कोरोना से भी बड़ा खतरा बनने वाला है। महिला के न होने का असर पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे बचाव के लिए समय रहते जांच और सही उपचार जरूरी है। तीस वर्ष की आयु के बाद हर महिला को इसकी नियमित जांच करानी चाहिए और शुरुआती लक्षण से ही इसका बेहतर उपचार संभव है। उन्होंने नौ से 16 वर्ष तक की आयु की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित लोगों का हाथ उठवाकर संकल्प दिलाया कि बहू-बेटी की सुरक्षा के लिए वह उन्हें समय से टीका जरूर लगवाएंगे। शिक्षा को तरक्की का सबसे उपयोगी हथियार बताते हुए बेटियों की अच्छी शिक्षा के लिए प्रेरित किया। कहा कि समाज को सशक्त बनाने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना होगा। जो भी महिला प्रतिनिधि बनकर आई हैं, वह अपना काम खुद से करें। अपना दायित्व समझें। नियमित स्कूल और आंगनबाड़ी जाएं। वहां की व्यवस्थाएं देखें। वहां आने वाले गरीब परिवार के बच्चों को प्रेम, स्नेह और अच्छा पोषण मिलेगा तो उनका जुड़ाव बढ़ेगा।
...जब बभनी तिराहे पर अचानक रुका राज्यपाल का काफिला
दोपहर में असनहर से कस्तूरबा विद्यालय जाते समय बभनी तिराहे पर अचानक राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का काफिला रुक गया। फ्लीट में चल रही राज्यपाल की कार रुकते ही पुलिस-प्रशासन के अफसरों में खलबली मच गई। ठीक पीछे चल रहे सुरक्षाकर्मी तुरंत अपने वाहन से नीचे उतरकर राज्यपाल के कार की ओर दौड़े। तब तक राज्यपाल की कार से ओएसडी नीचे उतर चुके थे। उनका इशारा मिलते ही सुरक्षाकर्मी सड़क के दाएं तरफ पीछे की ओर स्थित दुकान की तरफ दौड़े। सुरक्षाबलों की इस गतिविधि को देख हर कोई सहम गया। सुरक्षाकर्मियों ने दुकान से पानी की बोतल और ग्लास लेकर ओएसडी को थमाया। राज्यपाल के पानी पीने के बाद वाहन आगे बढ़ा, तब जाकर सुरक्षा में लगे अफसरों ने राहत की सांस ली।
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राज्यपाल ने कहा कि आज महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती सर्वाइकल कैंसर का है। इससे ग्रसित 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की मौत हो रही है। यह आगे कोरोना से भी बड़ा खतरा बनने वाला है। महिला के न होने का असर पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे बचाव के लिए समय रहते जांच और सही उपचार जरूरी है। तीस वर्ष की आयु के बाद हर महिला को इसकी नियमित जांच करानी चाहिए और शुरुआती लक्षण से ही इसका बेहतर उपचार संभव है। उन्होंने नौ से 16 वर्ष तक की आयु की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित लोगों का हाथ उठवाकर संकल्प दिलाया कि बहू-बेटी की सुरक्षा के लिए वह उन्हें समय से टीका जरूर लगवाएंगे। शिक्षा को तरक्की का सबसे उपयोगी हथियार बताते हुए बेटियों की अच्छी शिक्षा के लिए प्रेरित किया। कहा कि समाज को सशक्त बनाने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना होगा। जो भी महिला प्रतिनिधि बनकर आई हैं, वह अपना काम खुद से करें। अपना दायित्व समझें। नियमित स्कूल और आंगनबाड़ी जाएं। वहां की व्यवस्थाएं देखें। वहां आने वाले गरीब परिवार के बच्चों को प्रेम, स्नेह और अच्छा पोषण मिलेगा तो उनका जुड़ाव बढ़ेगा।
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...जब बभनी तिराहे पर अचानक रुका राज्यपाल का काफिला
दोपहर में असनहर से कस्तूरबा विद्यालय जाते समय बभनी तिराहे पर अचानक राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का काफिला रुक गया। फ्लीट में चल रही राज्यपाल की कार रुकते ही पुलिस-प्रशासन के अफसरों में खलबली मच गई। ठीक पीछे चल रहे सुरक्षाकर्मी तुरंत अपने वाहन से नीचे उतरकर राज्यपाल के कार की ओर दौड़े। तब तक राज्यपाल की कार से ओएसडी नीचे उतर चुके थे। उनका इशारा मिलते ही सुरक्षाकर्मी सड़क के दाएं तरफ पीछे की ओर स्थित दुकान की तरफ दौड़े। सुरक्षाबलों की इस गतिविधि को देख हर कोई सहम गया। सुरक्षाकर्मियों ने दुकान से पानी की बोतल और ग्लास लेकर ओएसडी को थमाया। राज्यपाल के पानी पीने के बाद वाहन आगे बढ़ा, तब जाकर सुरक्षा में लगे अफसरों ने राहत की सांस ली।
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