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बालिकाओं ने यौन शोषण, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा पर उठाए सवाल
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सोनभद्र। जिला प्रोबेशन विभाग की तरफ से मिशन शक्ति अभियान के तहत बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हक की बात कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें महिलाओं, बालिकाओं ने यौन शोषण, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, मानसिक शोषण, बाल विवाह, लैंगिक असमानता आदि पर सवाल उठाए। यहां डीएम एस. राज लिगंम ने कहा कि जब तक निर्णय में सहभागिता नहीं की जाएगी, तब तक महिला सशक्तिकरण की बात करना बेमानी है। ऐसे में आर्थिक रूप से महिलाओं, बालिकाओं को और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। नारी स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
सदर ब्लॉक की लक्ष्मी जयसवाल ने पूछा कि भ्रूण हत्या क्या है और बाल विवाह कैसे रोका जाए। इस पर डीएम ने कहा कि भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। इसे रोकने के लिए समाज में फैली कुरीतियों तथा बेटा-बेटी में अंतर रखने वाले लोगों को जागरूक किया जा रहा है। करौली गांव की आंगनबाड़ी सरला देवी ने नारी सशक्तिकरण पर सवाल किया। विंध्य कन्या पीजी कॉलेज की छात्रा सुजाता सिंह ने पूछा कि आय प्रमाण पत्र में पिता का नाम आता है लेकिन माता का क्यों नहीं।
राबर्ट्सगंज की कलश तिवारी ने पुरुष एवं महिला में बराबर की हिस्सेदारी का प्रश्न उठाया। इस पर डीएम ने बारी-बारी से बालिकाओं एवं महिलाओं का जवाब दिया और कहा कि आज धीरे-धीरे समाज में परिवर्तन हो रहा है। समाज में जितनी भ्रांतियां, कुरीतियां फैली हैं, उस पर अंकुश भी लग रहा है। जब तक आप अपने अधिकार की बात नहीं करेंगे तब तक कोई देने वाला नहीं है। इसलिए पहले अधिकार की बात जरूरी है। साथ ही जब घर में असमानता दूर होगी तभी समाज में भी असमानता दूर होगी। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेंद्र कुमार प्रोत्सायन ने अतिथियों का आभार जताया। यहां डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, डीसी मनरेगा चंद्रभान सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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सदर ब्लॉक की लक्ष्मी जयसवाल ने पूछा कि भ्रूण हत्या क्या है और बाल विवाह कैसे रोका जाए। इस पर डीएम ने कहा कि भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। इसे रोकने के लिए समाज में फैली कुरीतियों तथा बेटा-बेटी में अंतर रखने वाले लोगों को जागरूक किया जा रहा है। करौली गांव की आंगनबाड़ी सरला देवी ने नारी सशक्तिकरण पर सवाल किया। विंध्य कन्या पीजी कॉलेज की छात्रा सुजाता सिंह ने पूछा कि आय प्रमाण पत्र में पिता का नाम आता है लेकिन माता का क्यों नहीं।
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राबर्ट्सगंज की कलश तिवारी ने पुरुष एवं महिला में बराबर की हिस्सेदारी का प्रश्न उठाया। इस पर डीएम ने बारी-बारी से बालिकाओं एवं महिलाओं का जवाब दिया और कहा कि आज धीरे-धीरे समाज में परिवर्तन हो रहा है। समाज में जितनी भ्रांतियां, कुरीतियां फैली हैं, उस पर अंकुश भी लग रहा है। जब तक आप अपने अधिकार की बात नहीं करेंगे तब तक कोई देने वाला नहीं है। इसलिए पहले अधिकार की बात जरूरी है। साथ ही जब घर में असमानता दूर होगी तभी समाज में भी असमानता दूर होगी। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेंद्र कुमार प्रोत्सायन ने अतिथियों का आभार जताया। यहां डीडीओ रामबाबू त्रिपाठी, डीसी मनरेगा चंद्रभान सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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