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Sonebhadra News: यह कैसा मेल, ब्रांडेड दवाओं के आगे जेनरिक दवा फेल
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सोनभद्र। जन औषधि केंद्रों के माध्यम से लोगों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों को जिम्मेदार ही बट्टा लगा रहे हैं। ब्रांडेड दवा कंपनियों व डॉक्टरों के बीच साठगांठ से जिले में जेनरिक दवाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
लोगों को सस्ती जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल, सीएचसी चोपन, राबर्ट्सगंज नगर, दुद्धी सहित कुल पांच स्थानों पर जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं। ब्रांडेड दवाओं की तुलना में इन केंद्रों पर 30 से 90 फीसदी तक दवाएं सस्ती होती हैं, बावजूद इनकी बिक्री काफी कम है। इसकी सबसे बड़ी वजह डॉक्टरों का जन औषधि केंद्र की दवाएं न लिखना है। कई चिकित्सक तो ऐसे हैं कि जब मरीज जन औषधि केंद्र से दवा खरीद कर लाते हैं तो उनसे दवा वापस करा देते हैं। आंकड़ों की बात करें तो जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोरों और निजी अस्पतालों में पांच से दस करोड़ रुपये की ब्रांडेड दवाएं हर माह बिकती हैं, जबकि जेनरिक दवाओं का कारोबार महज चार से आठ लाख रुपये तक का ही है। जन औषधि केंद्र के संचालकों कि मानें तो वह किराए से लेकर स्टाफ तक का खर्च नहीं निकाल पा रहे हैं। ज्यादातर चिकित्सक कमीशन के चलते अस्पतालों के बाहर ब्रांडेड दवाएं ही लिखते हैं।
जिला अस्पताल गेट पर स्थित मेडिकल स्टोरों पर भीड़
जिला अस्पताल के गेट पर मौजूद दवा की दुकानों पर भारी भीड़ रहती हैं। वहीं परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र पर एक-दो मरीज ही पहुंचते हैं। यहां अस्पताल के चिकित्सक बाहर की दवाओं पर ही भरोसा जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर अस्पताल के जन औषधि केंद्र के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें कई मरीज जन औषधि केंद्र की दवा को यह बताकर वापस कर रहे हैं कि चिकित्सक ने उन्हें बाहर की दुकान से दवा लेने को कहा है। यही स्थिति जिले के अन्य जनऔषधि केंद्रों की भी है।
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साल्ट व दवा जन औषधि ब्रांडेड दवा
एसिक्लोफेनिक: 10 रुपये: 65 से 70 रुपये
टेमसूलोसिन हाइड्रोक्लोराइड: 24 रुपये: 380 से 450 रुपये
सोपोटासक्सिन टैबलेट, 70 रुपये: 180 से 200 रुपये
एम्लोडिपाइन व एटेनोजोल 45 रुपये: 120 से 140
सेट्रीजीन: 6 रुपये: 18 रुपये पत्ता
पेरासिटामोल: 7 रुपये: 25 से 30 रुपये पत्ता
ग्लुकोसामीन(डायसीन) 45 रुपये: 300 तक
कैल्शियम टैबलेट 7 रुपये: 70 से 120 रुपये
एमोक्सिलिन और पेटाशियम 56 रुपये: 180 से 200
टेल्मिसर्टन: 12 रुपये: 78
इट्राकोनाजोल: 20 रुपये: 200 से 300
टब्यूटिलीन सिरप: 25 रुपये: 100 से 120 रुपये
पैंटाप्रोजोल डीएसआर 80 रुपये 150 रुपये
सभी चिकित्सकों को जरूरत पड़ने पर जन औषधि केंद्र की दवा ही लिखने की अपील की जा रही है। यह लोगों के बजट के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं। - डॉ. आरजी यादव, सीएमओ।
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लोगों को सस्ती जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल, सीएचसी चोपन, राबर्ट्सगंज नगर, दुद्धी सहित कुल पांच स्थानों पर जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं। ब्रांडेड दवाओं की तुलना में इन केंद्रों पर 30 से 90 फीसदी तक दवाएं सस्ती होती हैं, बावजूद इनकी बिक्री काफी कम है। इसकी सबसे बड़ी वजह डॉक्टरों का जन औषधि केंद्र की दवाएं न लिखना है। कई चिकित्सक तो ऐसे हैं कि जब मरीज जन औषधि केंद्र से दवा खरीद कर लाते हैं तो उनसे दवा वापस करा देते हैं। आंकड़ों की बात करें तो जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोरों और निजी अस्पतालों में पांच से दस करोड़ रुपये की ब्रांडेड दवाएं हर माह बिकती हैं, जबकि जेनरिक दवाओं का कारोबार महज चार से आठ लाख रुपये तक का ही है। जन औषधि केंद्र के संचालकों कि मानें तो वह किराए से लेकर स्टाफ तक का खर्च नहीं निकाल पा रहे हैं। ज्यादातर चिकित्सक कमीशन के चलते अस्पतालों के बाहर ब्रांडेड दवाएं ही लिखते हैं।
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जिला अस्पताल गेट पर स्थित मेडिकल स्टोरों पर भीड़
जिला अस्पताल के गेट पर मौजूद दवा की दुकानों पर भारी भीड़ रहती हैं। वहीं परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र पर एक-दो मरीज ही पहुंचते हैं। यहां अस्पताल के चिकित्सक बाहर की दवाओं पर ही भरोसा जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर अस्पताल के जन औषधि केंद्र के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें कई मरीज जन औषधि केंद्र की दवा को यह बताकर वापस कर रहे हैं कि चिकित्सक ने उन्हें बाहर की दुकान से दवा लेने को कहा है। यही स्थिति जिले के अन्य जनऔषधि केंद्रों की भी है।
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साल्ट व दवा जन औषधि ब्रांडेड दवा
एसिक्लोफेनिक: 10 रुपये: 65 से 70 रुपये
टेमसूलोसिन हाइड्रोक्लोराइड: 24 रुपये: 380 से 450 रुपये
सोपोटासक्सिन टैबलेट, 70 रुपये: 180 से 200 रुपये
एम्लोडिपाइन व एटेनोजोल 45 रुपये: 120 से 140
सेट्रीजीन: 6 रुपये: 18 रुपये पत्ता
पेरासिटामोल: 7 रुपये: 25 से 30 रुपये पत्ता
ग्लुकोसामीन(डायसीन) 45 रुपये: 300 तक
कैल्शियम टैबलेट 7 रुपये: 70 से 120 रुपये
एमोक्सिलिन और पेटाशियम 56 रुपये: 180 से 200
टेल्मिसर्टन: 12 रुपये: 78
इट्राकोनाजोल: 20 रुपये: 200 से 300
टब्यूटिलीन सिरप: 25 रुपये: 100 से 120 रुपये
पैंटाप्रोजोल डीएसआर 80 रुपये 150 रुपये
सभी चिकित्सकों को जरूरत पड़ने पर जन औषधि केंद्र की दवा ही लिखने की अपील की जा रही है। यह लोगों के बजट के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं। - डॉ. आरजी यादव, सीएमओ।