फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Fraud in birth and death certificates is no longer easy

Sonebhadra News: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में अब फर्जीवाड़ा आसान नहीं

Wed, 21 Aug 2024 10:40 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 10:40 PM IST
विज्ञापन
Fraud in birth and death certificates is no longer easy
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाना अब आसान नहीं होगा। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नियम में सख्ती की तैयारी है। जन्म या मृत्यु के 21 दिन बाद आवेदन करने पर प्रमाणपत्र डीएम के सत्यापन के बाद ही जारी होगा।
विज्ञापन

अभी तक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सरकारी व निजी अस्पतालों के अलावा नगर पालिका व पंचायतों से आसानी से जारी हो जाता था। इससे आए दिन फर्जी प्रमाण पत्र की शिकायतें आती थीं। जिले में भी इस तरह की शिकायतें आम हो चुकी थी। हालांकि अब सांठ-गांठ कर प्रमाण पत्र पर अंकुश लगाने की तैयारी है।
विज्ञापन

इसके लिए सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल को अपडेट किया गया है। अपडेशन के चलते पूर्व में पंजीकरण भी प्रभावित रहा। अब पोर्टल सुचारू रूप से चलने लगा है। नई व्यवस्था के तहत जन्म व मृत्यु के 21 दिन के भीतर प्रमाणपत्र अवश्य जारी करवा लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद से जटिलताएं बढ़ जाएंगी। 21 दिन के बाद से डीएम की ओर से नामित टीम के अप्रूवल के बाद ही प्रमाण पत्र जारी होगा। सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों को भी सीआरएस पोर्टल का यूजर आईडी व पासवर्ड दिया गया है।
यहां होने वाले प्रसव अथवा मौत का पंजीकरण कर प्रमाण पत्र दिया जाता है, मगर यहां भी नए नियम लागू हो गए हैं। जन्म या मृत्यु के 21 दिन बाद आवेदन करने पर प्रमाण पत्र जिलाधिकारी (जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु) के सत्यापन के बाद ही जारी होगा। उनकी ओर से इसके लिए एडीएम को नामित किया गया है। पहले यह सीएमओ की आईडी से स्वीकृत होता था।


तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर का बना दिया था मृत्यु प्रमाणपत्र
जिले में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं। हद तो तब हो गई जब 2 फरवरी 2023 को किसी ने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल खट्टर के नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। प्रमाण पत्र जारी करने वाली संस्था के आगे सोनभद्र के पन्नूगंज/शाहगंज पीएचसी का विवरण दर्ज था। शरारती तत्वों की ऐसी कारस्तानी के सामने आने के बाद यूपी से हरियाणा तक खलबली मच गई थी। प्रशासनिक अमले के भी हाथ-पांव फूल गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed