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बदलते मौसम में रहें सावधान!: 48 घंटे में जिला अस्पताल में सांस के चार मरीजों की मौत, हर दिन बढ़ रहे रोगी

Mon, 26 Aug 2024 08:55 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 26 Aug 2024 08:55 AM IST
सार

सोनभद्र जिले में बारिश के बाद अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें कई गंभीर रोगी भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। सांस के रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। यही वजह है कि 48 घंटे में जिला अस्पताल में सांस के चार मरीजों की मौत हो गई। 

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Four respiratory patients died in 48 hours at sonbhadra district hospital
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : freepik

विस्तार

सोनांचल में बीते कुछ दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव लगा है। बदलते मौसम में सांस (श्वास) संबंधित समस्याएं बढ़ी हैं। बीते कुछ दिनों से इस तरह के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में बीते 48 घंटे में चार सांस रोगियों की मौत हो गई।
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सीएचसी-पीएचसी के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं। अनपरा, शक्तिनगर, बीजपुर, रेणुकूट, चोपन, डाला के इलाके संर्वाधित प्रदूषण के लिए जाने जाते हैं। इन इलाकों में सांस के मरीजों की तादात अधिक हैं।
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बरसात के मौसम में सांस के मरीजों की तकलीफें काफी बढ़ गई हैं। साथ ही एलर्जी से लोग पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में सांस के मरीजों संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। इन दिनों जिला अस्पताल में रोजाना 35 से 45 मरीज पहुंच रहे हैं।
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डॉक्टर सतर्क रहने की दे रहे सलाह

डॉक्टर इलाज के साथ सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। शाहगंज थाना क्षेत्र के रायपुर निवासी मानक देवी को सांस लेने की तकलीफ पर 24 अगस्त की सुबह 11 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिनकी शाम तीन बजे मौत हो गई।

वहीं पिपरी निवासी जयकृष्णा को 23 अगस्त को भर्ती कराया गया। जिनकी 24 अगस्त की भोर में मौत हो गई। 23 अगस्त को भर्ती विढ़मगंज निवासी नंदलाल 45 को सांस लेने में तकलीफ पर भर्ती कराया गया। उनकी भी शाम को मौत हो गई।

खुटहां निवासी भरतलाल को गंभीर स्थिति में रेफर कर दिया गया। इसके अतिरिक्त करमा थाना क्षेत्र के भरूहां गांव निवासी एक वृद्ध की सांस फूलने लगी। शनिवार की सुबह उसे परिजन लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उसकी मौत हो चुकी थी। बिना वजह कोई लिखापढ़ी शव घर लेकर चले गए। इससे इतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, निजी अस्पतालों और ग्रामीण इलाकों में भी सांस पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों की मौत भी हो रही है।

गहरी सांस लेकर छोड़ने से फेफड़ा होता है मजबूत

जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसएस पांडेय बताते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए हर व्यक्ति को योग व हल्का व्यायाम करना चाहिए। साथ ही गहरी सांस लेकर दस सेकेंड तक रोंके, उसके बाद नाक से उसे छोड़ें। इससे फेफड़ा मजबूत रहता है। सांस के मरीजों को यह जरूर करना चाहिए। मौसम बदलने से बारिश के बाद गर्मी बढ़ने पर पर सांस के मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। थोड़ी सी लापरवाही की वजह से अस्थमा के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। 
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