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Sonebhadra News: चार दिन बाद हुए रिहंद और ओबरा के सभी फाटक
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रेणुकूट/ओबरा। पिपरी में स्थित रिहंद बांध के सभी फाटक शनिवार की सुबह बंद कर दिए गए हैं। जलस्तर में आई कमी के कारण यह निर्णय लिया गया है। उधर, पानी आना बंद होने से ओबरा बांध के भी फाटक बंद कर दिए गए हैं। हालांकि दोनों बांधाें पर आधारित पन बिजली इकाइयां चालू हैं। उनसे 387 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है।
बुधवार की सुबह जलस्तर 869.2 फीट पहुंचने पर रिहंद बांध का एक फाटक खोला गया था। इसके बावजूद जलस्तर लगातार बढ़ते रहने के कारण बारी-बारी से शाम तक सात फाटकों को खोल दिया गया था। जलस्तर में कमी आने के बाद शुक्रवार को चार फाटक बंद कर दिए गए थे। शनिवार की सुबह सात बजे दो फाटक को बंद कर दिया गया। इसके बाद सुबह 10 बजे अंतिम फाटक को भी बंद कर दिया गया। बांध के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक अभी बांध का जलस्तर 869.2 फीट पर बना हुआ है।
रिहंद जल विद्युत परियोजना के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि बांध पर स्थित छह टरबाइनों को पूरी क्षमता के साथ चलाकर 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हो रही बारिश पर नजर रखी जा रही है। कहा कि जलस्तर की निगरानी की जा रही है। अगर जलस्तर पुनः बढ़ा तो फिर से गेट को खोला जा सकता है। दूसरी ओर ओबरा बांध के भी सभी फाटक शनिवार की सुबह तक बंद कर दिए गए। यहां भी तीनों टरबाइन को फूल लोड पर चलाया जा रहा है। इससे करीब 87 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बता दें कि चार दिन पहले बांध के जलस्तर में वृद्धि होने पर बांध के फाटक खोले गए थे। एक-एक करके कुल सात फाटक खोलने पड़े थे, मगर अब जलस्तर में कमी आने के कारण सभी फाटकों को बंद कर दिया गया है।
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बुधवार की सुबह जलस्तर 869.2 फीट पहुंचने पर रिहंद बांध का एक फाटक खोला गया था। इसके बावजूद जलस्तर लगातार बढ़ते रहने के कारण बारी-बारी से शाम तक सात फाटकों को खोल दिया गया था। जलस्तर में कमी आने के बाद शुक्रवार को चार फाटक बंद कर दिए गए थे। शनिवार की सुबह सात बजे दो फाटक को बंद कर दिया गया। इसके बाद सुबह 10 बजे अंतिम फाटक को भी बंद कर दिया गया। बांध के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक अभी बांध का जलस्तर 869.2 फीट पर बना हुआ है।
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रिहंद जल विद्युत परियोजना के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि बांध पर स्थित छह टरबाइनों को पूरी क्षमता के साथ चलाकर 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हो रही बारिश पर नजर रखी जा रही है। कहा कि जलस्तर की निगरानी की जा रही है। अगर जलस्तर पुनः बढ़ा तो फिर से गेट को खोला जा सकता है। दूसरी ओर ओबरा बांध के भी सभी फाटक शनिवार की सुबह तक बंद कर दिए गए। यहां भी तीनों टरबाइन को फूल लोड पर चलाया जा रहा है। इससे करीब 87 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बता दें कि चार दिन पहले बांध के जलस्तर में वृद्धि होने पर बांध के फाटक खोले गए थे। एक-एक करके कुल सात फाटक खोलने पड़े थे, मगर अब जलस्तर में कमी आने के कारण सभी फाटकों को बंद कर दिया गया है।
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