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हत्या के चार दोषियों को उम्रकैद की सजा
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सोनभद्र। सत्र न्यायाधीश रजत सिंह जैन की अदालत ने सोमवार को चार वर्ष पूर्व कुल्हाड़ी से जगत प्रसाद की नृशंस हत्या करने के मामले में चार दोषियों बरमदेव विश्वकर्मा, प्रवीण कुमार विश्वकर्मा, हरीराम विश्वकर्मा एवं सत्य प्रसाद को दोषसिद्ध पाकर उम्रकैद एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक बीजपुर थाना क्षेत्र के महरी टोला कैम्हा डांड़ निवासिनी देवमती ने 17 जून 2016 को बीजपुर थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया है कि 17 जून 2016 तीन बजे रात जब मैं अपने घर के अंदर सोई थी तथा उसके पति जगत प्रसाद दरवाजे के बाहर ही सोए थे। उसी समय मेरे पति के चारपाई से तेज आवाज आई। बिजली बाहर जल रही थी। जब मैं निकल कर देखी तो बीजपुर थाना क्षेत्र के चीरा डांड़ पिंडारी निवासी बरम देव विश्वकर्मा, महरी कला कैभा डांड़ निवासी प्रवीण कुमार विश्वकर्मा, आभा डांड़ जरहा निवासी हरीराम विश्वकर्मा एवं कैभा डांड़ निवासी सत्य प्रसाद मौके पर थे। सत्य प्रसाद हाथ में कुल्हाड़ी लिए थे। शोर करने पर देवर विजय शंकर, श्याम सुंदर, सहदेव आ गए और अभियुक्तगण भागने लगे तो दौड़ाकर पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन सभी भाग गए। उसके बाद जब देखा तो मेरे पति जगत प्रसाद के जबड़े में कुल्हाड़ी से गम्भीर चोट लगने से उनकी चारपाई पर ही मौत हो गई थी। अभियुक्तगणों से लकड़ी काटने और जमीन को लेकर विवाद था। उनके द्वारा अक्सर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। पुलिस ने इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया एवं पर्याप्त सबूत पाए जाने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले क ी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के पश्चात दोषसिद्ध पाकर चारों दोषियों बरम देव विश्वकर्मा, प्रवीण कुमार विश्वकर्मा, हरिराम विश्वकर्मा एवं सत्य प्रसाद को उम्रकैद एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक बीजपुर थाना क्षेत्र के महरी टोला कैम्हा डांड़ निवासिनी देवमती ने 17 जून 2016 को बीजपुर थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया है कि 17 जून 2016 तीन बजे रात जब मैं अपने घर के अंदर सोई थी तथा उसके पति जगत प्रसाद दरवाजे के बाहर ही सोए थे। उसी समय मेरे पति के चारपाई से तेज आवाज आई। बिजली बाहर जल रही थी। जब मैं निकल कर देखी तो बीजपुर थाना क्षेत्र के चीरा डांड़ पिंडारी निवासी बरम देव विश्वकर्मा, महरी कला कैभा डांड़ निवासी प्रवीण कुमार विश्वकर्मा, आभा डांड़ जरहा निवासी हरीराम विश्वकर्मा एवं कैभा डांड़ निवासी सत्य प्रसाद मौके पर थे। सत्य प्रसाद हाथ में कुल्हाड़ी लिए थे। शोर करने पर देवर विजय शंकर, श्याम सुंदर, सहदेव आ गए और अभियुक्तगण भागने लगे तो दौड़ाकर पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन सभी भाग गए। उसके बाद जब देखा तो मेरे पति जगत प्रसाद के जबड़े में कुल्हाड़ी से गम्भीर चोट लगने से उनकी चारपाई पर ही मौत हो गई थी। अभियुक्तगणों से लकड़ी काटने और जमीन को लेकर विवाद था। उनके द्वारा अक्सर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। पुलिस ने इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया एवं पर्याप्त सबूत पाए जाने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले क ी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के पश्चात दोषसिद्ध पाकर चारों दोषियों बरम देव विश्वकर्मा, प्रवीण कुमार विश्वकर्मा, हरिराम विश्वकर्मा एवं सत्य प्रसाद को उम्रकैद एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।
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