फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Forest and Environment Ministry report said that Forest ending in Sonebhadra reduction of 103 sq km in two years

वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट: सोनभद्र में खत्म हो रहे जंगल, दो साल में 103 वर्ग किमी की कमी

Mon, 17 Jan 2022 04:18 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 17 Jan 2022 04:18 PM IST
सार

यूपी में सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला जिला सोनभद्र में वन कटान व वनों पर हो रहे अतिक्रमण के चलते जंगल का दायरा सिकुड़ता जा रहा है। पूरे प्रदेश में जिले का सर्वाधिक वन क्षेत्र पिछले दो सालों में घटा है।

विज्ञापन
Forest and Environment Ministry report said that Forest ending in Sonebhadra reduction of 103 sq km in two years
सघन पौधरोपण अभियान चलाने के बाद भी वन क्षेत्र में कमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन माफिया की बुरी नजर सोनभद्र के जंगलों को लग गई है। कहां एक तरफ तो अभियान चलाकर हर साल लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ हरे पेड़ों की कटान भी धड़ल्ले से जारी है। हाल यह है कि पिछले दो वर्षों के दौरान जिले में करीब 103 वर्ग किमी वन क्षेत्र कम हो गया है। यह जंगल कहां गए किसी को नहीं पता। वन विभाग तेजी से होते नगरीकरण और विकास की दलील दे रहा है तो जानकार इसे वन माफिया की कारस्तानी बता रहे हैं। दोनों ही हालत में वन क्षेत्र का कम होना जिलेवासियों के लिए चिंताजनक है।

विज्ञापन


सोनभद्र की पहचान शुरू से ही घने जंगलों से रही है। विशिष्ट पहचान वाले यह जंगल अपने आप में खास हैं। वृहद जंगलों के कारण ही सोनभद्र क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। यह प्रदेश का पहला जिला भी है जहां तीन से अधिक वन प्रभाग का कार्य क्षेत्र है।
विज्ञापन


वन सर्वे की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा
राबर्ट्सगंज, ओबरा, रेणुकूट में अलग डीएफओ हैं तो कैमूर वन्य जीव प्रभाग का आधा क्षेत्र मिर्जापुर में भी है। साढ़े तीन वन प्रभाग होने के बावजूद यहां जंगल सुरक्षित न रहना चिंताजनक है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी भारतीय वन सर्वे की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रिपोर्ट के अनुसार करीब 6905 वर्ग किमी के भौगोलिक क्षेत्रफल वाले इस जिले में वर्ष 2019 में वन क्षेत्र का दायरा 2540.29 वर्ग किमी था। वर्ष 2021 के सर्वे में यह घटकर 2436.75 वर्ग किमी रह गया है। इस तरह यहां करीब 103.54 वर्ग किमी वन क्षेत्र में कमी आई है। इसमें भी 138.32 वर्ग किमी में घने जंगल हैं जबकि 1357.81 वर्ग किमी में खुला वन क्षेत्र है। शेष 940 वर्ग किमी से अधिक के दायरे में मध्यम श्रेणी का वन है।

वन घटने के कई कारण

राबर्ट्सगंज डीएफओ  संजीव सिंह ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट मंगाई जा रही है। कहां-किस क्षेत्र में वन कम हुए हैं, इसका अध्ययन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वन घटने के कई कारण हो सकते हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य चल रहे हैं। इसके लिए भी कई बार वनों को काटना पड़ता है। बदले में नए पौधे भी लगाए जाते हैं, मगर उनके फिर से पेड़ बनने में समय लगता है। फिलहाल रिपोर्ट आने पर ही कुछ स्पष्ट होगा। 

खूब लगे पेड़, फिर भी घट गए जंगल

Forest and Environment Ministry report said that Forest ending in Sonebhadra reduction of 103 sq km in two years
जंगल - फोटो : iStock

पर्यावरण संरक्षण के लिए पिछले कुछ वर्षों से सरकार लगातार सघन पौधरोपण अभियान चला रही है। जून-जुलाई के महीने में वन महोत्सव चलाकर पौधे रोपे जा रहे हैं। गत तीन वर्षों में एक करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। दो वर्षों में इन पौधों को पेड़ बनना था। इसके बावजूद वन क्षेत्र में कमी इस अभियान की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर रही है। वनों की सुरक्षा में कार्य करने वाले जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है। फिलहाल अधिकारी कारण तलाशने में जुटे हैं।

कोरोना काल में वनों ने समझाई उपयोगिता

Forest and Environment Ministry report said that Forest ending in Sonebhadra reduction of 103 sq km in two years
वटवृक्ष - फोटो : अमर उजाला

गत वर्ष कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन के लिए मची मारामारी ने पौधों की उपयोगिता समझाई थी। हर कोई जागरूक होकर पौधे लगाने और पेड़ बचाने का संदेश देता रहा। आसपास का वातावरण हरा-भरा बनाने पर जोर रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने खुद से भी पौधे लगाए। इसके बाद भी वनों की संख्या घटती जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed