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Sonebhadra News: पांच साल के बेटे ने दी मां को मुखाग्नि, नम हुईं आंखें
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विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली गांव में बीते बृहस्पतिवार को विंढमगंज-दुद्धी मार्ग पर हुए सड़क हादसे में मां की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल पिता के इलाज के लिए गरीब छोटे बच्चे मदद के लिए भटक रहे हैं।
घायल पिता का इलाज ट्रॉमा सेंटर वाराणसी में चल रहा है। शुक्रवार को बच्चों ने ग्रामीणों की मदद से मां का अंतिम संस्कार कनहर नदी किनारे किया। मृतक मां को पांच वर्षीय पुत्र सत्यम ने जब मुखाग्नि दिया तो उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।
विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली गांव के रहने वाले संजय शर्मा (35) महुलिया रेलवे स्टेशन के पास सड़क के किनारे बाल-दाढ़ी बनाकर अपने नौ सदस्यीय परिवार का भरण पोषण करते थे। संजय के पास कोई खेती योग्य जमीन नहीं है और ना ही पक्का मकान है।
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एक कमरे के कच्चे मकान में संजय का नौ सदस्य परिवार रहता है। बृहस्पतिवार को संजय अपनी बीमार पत्नी मीरा देवी (30) को दुद्धी के एक डॉक्टर को दिखाने गया हुआ था। संजय पत्नी के साथ दवा लेकर टेंपो से महुली आ रहा था कि रास्ते में हादसा हो गया।
इस हादसे में मीरा की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि संजय को गंभीर चोट आई थी। बेहोशी की हालत में उन्हें दुद्धी सीएचसी लाया गया। जहां डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा, होश नहीं आने पर जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
संजय को होश आ जाता है तो उसके पैर का ऑपरेशन किया जाएगा, क्योंकि दुर्घटना में संजय का पैर टूट गया है। ट्रॉमा सेंटर में संजय बेहोशी की हालत में है। उधर, शुक्रवार की शाम संजय की पत्नी का शव पोस्टमार्टम के बाद महुली गांव लाया गया तो मां के शव से लिपटकर बच्चे रोने लगे।
बच्चों का करुण क्रंदन सुनकर उपस्थित लोगों का कलेजा दहल गया। पांच वर्षीय पुत्र सत्यम शर्मा ने मां को मुखाग्नि दी। बच्चे अपने पिता को बचाने के लिए आर्थिक मदद करने की गुहार लगा रहे हैं।
मदद के लिए आगे आ रहे लोग
विंढमगंज। सड़क दुर्घटना में घायल पिता संजय शर्मा को बचाने के लिए बच्चों की गुहार पर कई लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं। संजय के छह बच्चे हैं। पांच लड़की और एक लड़का। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल बताते हैं कि संजय का परिवार गरीब है। इसलिए परिवार की मदद के लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए। बच्चे भी बार-बार लोगों से पापा को बचाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी संजय की मदद के लिए गुहार लगाई जा रही है।
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घायल पिता का इलाज ट्रॉमा सेंटर वाराणसी में चल रहा है। शुक्रवार को बच्चों ने ग्रामीणों की मदद से मां का अंतिम संस्कार कनहर नदी किनारे किया। मृतक मां को पांच वर्षीय पुत्र सत्यम ने जब मुखाग्नि दिया तो उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।
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विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली गांव के रहने वाले संजय शर्मा (35) महुलिया रेलवे स्टेशन के पास सड़क के किनारे बाल-दाढ़ी बनाकर अपने नौ सदस्यीय परिवार का भरण पोषण करते थे। संजय के पास कोई खेती योग्य जमीन नहीं है और ना ही पक्का मकान है।
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एक कमरे के कच्चे मकान में संजय का नौ सदस्य परिवार रहता है। बृहस्पतिवार को संजय अपनी बीमार पत्नी मीरा देवी (30) को दुद्धी के एक डॉक्टर को दिखाने गया हुआ था। संजय पत्नी के साथ दवा लेकर टेंपो से महुली आ रहा था कि रास्ते में हादसा हो गया।
इस हादसे में मीरा की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि संजय को गंभीर चोट आई थी। बेहोशी की हालत में उन्हें दुद्धी सीएचसी लाया गया। जहां डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा, होश नहीं आने पर जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
संजय को होश आ जाता है तो उसके पैर का ऑपरेशन किया जाएगा, क्योंकि दुर्घटना में संजय का पैर टूट गया है। ट्रॉमा सेंटर में संजय बेहोशी की हालत में है। उधर, शुक्रवार की शाम संजय की पत्नी का शव पोस्टमार्टम के बाद महुली गांव लाया गया तो मां के शव से लिपटकर बच्चे रोने लगे।
बच्चों का करुण क्रंदन सुनकर उपस्थित लोगों का कलेजा दहल गया। पांच वर्षीय पुत्र सत्यम शर्मा ने मां को मुखाग्नि दी। बच्चे अपने पिता को बचाने के लिए आर्थिक मदद करने की गुहार लगा रहे हैं।
मदद के लिए आगे आ रहे लोग
विंढमगंज। सड़क दुर्घटना में घायल पिता संजय शर्मा को बचाने के लिए बच्चों की गुहार पर कई लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं। संजय के छह बच्चे हैं। पांच लड़की और एक लड़का। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल बताते हैं कि संजय का परिवार गरीब है। इसलिए परिवार की मदद के लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए। बच्चे भी बार-बार लोगों से पापा को बचाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी संजय की मदद के लिए गुहार लगाई जा रही है।