{"_id":"68b883b229babd2237061ebf","slug":"fish-will-be-sent-to-siliguri-production-will-be-increased-through-cage-culture-sonbhadra-news-c-20-vns1053-1110280-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: सिलीगुड़ी भेजी जाएंगी मछलियां, केज कल्चर से बढ़ाएंगे उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: सिलीगुड़ी भेजी जाएंगी मछलियां, केज कल्चर से बढ़ाएंगे उत्पादन
विज्ञापन
सोनभद्र। केज कल्चर से रिहंद और ओबरा बांध को मत्स्य उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है।
यहां पैदा होने वाली मछलियों को कम समय में कोलकाता और सिलीगुड़ी के बाजार में पहुंचाने की भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। दोनों जगह स्थापित केज की संख्या लगभग दोगुनी (1380) करने का प्रस्ताव है।
शासन की मंजूरी के बाद चयनित लाभार्थियों को केज आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत ओबरा में 400 और रिहंद में 352 केज लगाए गए हैं। बेहतर उत्पादन स्थिति को देखते हुए अब इसकी संख्या बढ़ाकर 1060 और सुकेता योजना के तहत 320 नए केज लगाने की योजना है।
प्रत्येक केज से सालाना 30 क्विंटल के करीब मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य है। पहल मूर्त रूप लेने के साथ ही केज कल्चर के जरिए जिले की उत्पादन क्षमता लगभग 2100 टन से बढ़कर 4100 टन पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां पैदा होने वाली मछलियों को कम समय में कोलकाता और सिलीगुड़ी के बाजार में पहुंचाने की भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। दोनों जगह स्थापित केज की संख्या लगभग दोगुनी (1380) करने का प्रस्ताव है।
शासन की मंजूरी के बाद चयनित लाभार्थियों को केज आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत ओबरा में 400 और रिहंद में 352 केज लगाए गए हैं। बेहतर उत्पादन स्थिति को देखते हुए अब इसकी संख्या बढ़ाकर 1060 और सुकेता योजना के तहत 320 नए केज लगाने की योजना है।
विज्ञापन
प्रत्येक केज से सालाना 30 क्विंटल के करीब मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य है। पहल मूर्त रूप लेने के साथ ही केज कल्चर के जरिए जिले की उत्पादन क्षमता लगभग 2100 टन से बढ़कर 4100 टन पहुंच जाएगी।
विज्ञापन