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इबादत और तिलावत के बीच गुजरा पहला रोजा
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सोनभद्र। शुक्रवार को चांद दिखने के साथ ही पाक रमजान माह शुरू हो गया। शुक्रवार की रात से ही तरावीह पढ़ाई जाने लगी। मुस्लिम भाई-बहनों ने शनिवार को पहला रोजा रखा। भोर में चार बजकर छह मिनट तक सहरी हुई और शाम छह बजकर 27 मिनट पर अफ्तार हुआ। लोगों ने नमाज और तिलावत किया। छोटे-छोटे बच्चों ने भी रोजा रखा।
माह-ए-रमजान मुबारक का पहला दिन अल्लाह की इबादत और तिलावत में बीता। रोजेदारों ने घरों में एक साथ इफ्तार किया और आपसी मुहब्बत का पैगाम दिया। लॉक डाउन के चलते पांचों वक्त की नमाज के लिए मस्जिदों में जाने की इजाजत नहीं है। इस नाते नमाजी घर में ही पांच वक्त नमाज अदा किये। बुजुर्गंो से लेकर मासूम बच्चों ने भी रोजा रखकर खुद के प्रति अपनी मुहब्बत का नजराना पेश किया। उरमौरा मस्जिद के मौलाना मजहरूल हक ने कहा किरमजान का सबसे बड़ा पैगाम भी यही है कि दिनभर की भूख-प्यास तजकर हम गरीबों की भूख का एहसास कर सकें। शनिवार को दूसरी नमाज-ए-तरावीह पढ़ी गई। लोगों ने घरों में ही तरावीह पढ़ी। तरावीह के बाद सभी ने मुल्क में अमन चैन की दुआएं की। कोरोना से विश्व को निजात दिलाने की दुआएं की गईं।
सलखन: सलखन मस्जिद के पेशइमाम ग़ुलाम रब्बानी ने कोरोना संक्रमण काल घोषित लाकडाउन में मुस्लिम समुदाय से घरो में ही रहकर रोजा इफ्तार व तरावीह की इबादत करने की अपील की है। साथ ही सरकार के उठाए गए कदम को समर्थन कर सहयोग करने को कहा है। किसी भी तरह की बिना वजह कहीं भीड़ इकट्ठा न होने दे एवं शासन प्रशासन का सहयोग करें। पहले दिन लोगों ने सुबह सहरी किया और फिर शाम को छह बजकर 27 मिनट पर इफ्तार किया। लोगों ने घरों में ही नमाज अदा किया।
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माह-ए-रमजान मुबारक का पहला दिन अल्लाह की इबादत और तिलावत में बीता। रोजेदारों ने घरों में एक साथ इफ्तार किया और आपसी मुहब्बत का पैगाम दिया। लॉक डाउन के चलते पांचों वक्त की नमाज के लिए मस्जिदों में जाने की इजाजत नहीं है। इस नाते नमाजी घर में ही पांच वक्त नमाज अदा किये। बुजुर्गंो से लेकर मासूम बच्चों ने भी रोजा रखकर खुद के प्रति अपनी मुहब्बत का नजराना पेश किया। उरमौरा मस्जिद के मौलाना मजहरूल हक ने कहा किरमजान का सबसे बड़ा पैगाम भी यही है कि दिनभर की भूख-प्यास तजकर हम गरीबों की भूख का एहसास कर सकें। शनिवार को दूसरी नमाज-ए-तरावीह पढ़ी गई। लोगों ने घरों में ही तरावीह पढ़ी। तरावीह के बाद सभी ने मुल्क में अमन चैन की दुआएं की। कोरोना से विश्व को निजात दिलाने की दुआएं की गईं।
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सलखन: सलखन मस्जिद के पेशइमाम ग़ुलाम रब्बानी ने कोरोना संक्रमण काल घोषित लाकडाउन में मुस्लिम समुदाय से घरो में ही रहकर रोजा इफ्तार व तरावीह की इबादत करने की अपील की है। साथ ही सरकार के उठाए गए कदम को समर्थन कर सहयोग करने को कहा है। किसी भी तरह की बिना वजह कहीं भीड़ इकट्ठा न होने दे एवं शासन प्रशासन का सहयोग करें। पहले दिन लोगों ने सुबह सहरी किया और फिर शाम को छह बजकर 27 मिनट पर इफ्तार किया। लोगों ने घरों में ही नमाज अदा किया।
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