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जंगल में लगी भीषण आग, कई बीघा में प्लांटेशन राख
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स्थानीय वन रेंज के रनटोला, कटबंधवा व चैरी के जंगल में शनिवार को संदिग्ध हाल में आग लग गई। आग से धू-धूकर पेड़ जलने लगे। आग से बचने के लिए वन्यजीव इधर-उधर भागते रहे। वन कर्मियों ने आग पर काबू पाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
म्योरपुर वन रेंज का रनटोला व कटबंधवा जंगल शनिवार को दिन भर धू-धूकर जलता रहा। इस दौरान मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर चलने वाले वाहनों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। एकबारगी लोग अपने स्थान पर खड़े होकर आग बुझने का इंतजार करते रहे। वन्य जीव भी इधर-उधर भटकते दिखे। हर वर्ष आग से बड़ी मात्रा में वन संपदा की क्षति होती है। वन्य जीवों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विभागीय स्तर पर इसके लिए ठोस उपाय न किए जाने से लोगों में नाराजगी है। उत्तर प्रदेश वन्यजीव बोर्ड के सदस्य श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि वन कर्मियों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है, लेकिन यह सब उपाय दक्षिणांचल में कागजों पर ही सिमटा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वन मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर वन्य जीवों की रक्षा के लिए प्रयास किया जाएगा। उधर, चैरी जंगल में दो दिन पूर्व लगी आग से करीब 50 बीघा प्लांटेशन में लगे पेड़-पौधे जल गए। आग कैसे लगी वन कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगलगी में म्योरपुर वन रेंज के चैरी जंगल के लगभग 50 बीघा से ज्यादा क्षेत्र में लगी आग में प्लांटेशन के लाखों रुपये के विभिन्न प्रजाति के पौधे जल गए। इस संबंध में एसडीओ उमेश तिवारी ने कहा कि प्लांटेशन में आग कैसे लगी इसका पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
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म्योरपुर वन रेंज का रनटोला व कटबंधवा जंगल शनिवार को दिन भर धू-धूकर जलता रहा। इस दौरान मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर चलने वाले वाहनों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। एकबारगी लोग अपने स्थान पर खड़े होकर आग बुझने का इंतजार करते रहे। वन्य जीव भी इधर-उधर भटकते दिखे। हर वर्ष आग से बड़ी मात्रा में वन संपदा की क्षति होती है। वन्य जीवों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विभागीय स्तर पर इसके लिए ठोस उपाय न किए जाने से लोगों में नाराजगी है। उत्तर प्रदेश वन्यजीव बोर्ड के सदस्य श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि वन कर्मियों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है, लेकिन यह सब उपाय दक्षिणांचल में कागजों पर ही सिमटा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वन मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर वन्य जीवों की रक्षा के लिए प्रयास किया जाएगा। उधर, चैरी जंगल में दो दिन पूर्व लगी आग से करीब 50 बीघा प्लांटेशन में लगे पेड़-पौधे जल गए। आग कैसे लगी वन कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगलगी में म्योरपुर वन रेंज के चैरी जंगल के लगभग 50 बीघा से ज्यादा क्षेत्र में लगी आग में प्लांटेशन के लाखों रुपये के विभिन्न प्रजाति के पौधे जल गए। इस संबंध में एसडीओ उमेश तिवारी ने कहा कि प्लांटेशन में आग कैसे लगी इसका पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
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